LPGPrice – घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर, उपभोक्ताओं को मिली राहत
LPGPrice – देशभर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में शनिवार को कोई बदलाव नहीं किया गया। तेल विपणन कंपनियों ने मौजूदा दरों को यथावत रखा है, जिससे उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। हाल के महीनों में गैस की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी, लेकिन इस बार नई दरें जारी नहीं होने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है।

मार्च 2026 से अब तक घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कुल 89 रुपये की वृद्धि हो चुकी है। पहले मार्च में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि इसके बाद दूसरी बार कीमतों में 29 रुपये का इजाफा किया गया था। इसके बावजूद वर्तमान में दरों में कोई नया संशोधन नहीं किया गया है।
राजधानी लखनऊ में क्या हैं मौजूदा दरें
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 979.50 रुपये पर बनी हुई है। वहीं नोएडा में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए 939.50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और परिवहन लागत के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है।
प्रमुख महानगरों में घरेलू सिलेंडर के भाव
देश के अलग-अलग शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध है। मुंबई में इसकी कीमत 941.50 रुपये है, जबकि चेन्नई में उपभोक्ताओं को 957.50 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
कोलकाता और भुवनेश्वर में घरेलू सिलेंडर 968 रुपये में मिल रहा है। हैदराबाद में यह दर 994 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि पटना में सबसे अधिक 1031.50 रुपये की कीमत दर्ज की गई है। जयपुर, चंडीगढ़, बेंगलुरु और तिरुवनंतपुरम में भी दरें 944 रुपये से 951 रुपये के बीच बनी हुई हैं।
व्यावसायिक सिलेंडर के दाम भी स्थिर
घरेलू गैस के साथ-साथ व्यावसायिक उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली और नोएडा में 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल सिलेंडर 3113.50 रुपये में उपलब्ध है। मुंबई में इसकी कीमत 3067.50 रुपये है, जबकि चेन्नई में यह 3283 रुपये पर बना हुआ है।
हैदराबाद में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 3367 रुपये है, जबकि पटना में यह 3400 रुपये तक पहुंच चुकी है। कोलकाता, भुवनेश्वर और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी इसकी कीमत 3200 रुपये से अधिक बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का पड़ता है सीधा असर
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ने पर भारतीय कंपनियों की लागत भी बढ़ जाती है।
केंद्र सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि घरेलू गैस की आपूर्ति पर कंपनियों को प्रति सिलेंडर उल्लेखनीय आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर कीमतों में संशोधन किया जाता है।
उज्ज्वला योजना में हुए बदलाव
हाल के महीनों में सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव भी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को वर्षभर में सीमित संख्या में रियायती सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रसोई गैस सुविधा सुलभ कराना है।
फिलहाल गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि मौजूदा समीक्षा में घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों के एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई है।