MonsoonUpdate – उत्तराखंड में मानसून आगमन के संकेत, जानें मौसम विभाग का पूर्वानुमान
MonsoonUpdate – उत्तराखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि मैदानी जिलों में बीते कुछ दिनों से गर्मी और उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। सोमवार को देहरादून में दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। इसी बीच मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य में मानसून की एंट्री 22 से 25 जून के बीच हो सकती है।

कई जिलों के लिए जारी किया गया अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कुछ पर्वतीय इलाकों के लिए अल्पकालिक चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
देवल, कपकोट, मुनस्यारी, डीडीहाट, बदरीनाथ, केदारनाथ, तुंगनाथ, बड़कोट और पुरोला जैसे इलाकों में भी मौसम अचानक खराब हो सकता है। विभाग ने इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवा चलने की आशंका जताई है।
देहरादून में बदला मौसम का मिजाज
राजधानी देहरादून में सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। तेज बारिश और ठंडी हवाओं के चलते लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। पिछले दो दिनों से शहर में तापमान और नमी का स्तर बढ़ा हुआ था, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा था।
बारिश शुरू होते ही सड़कों पर गर्मी से राहत महसूस की गई और वातावरण में ठंडक घुल गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव आगामी मानसून गतिविधियों का संकेत माना जा सकता है।
मानसून के आगमन को लेकर उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में मध्य भारत के और हिस्सों तक पहुंच सकता है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उत्तराखंड में मानसून के 22 से 25 जून के बीच प्रवेश करने की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसमी परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो राज्य के अधिकांश हिस्सों में जून के अंतिम सप्ताह से नियमित वर्षा शुरू हो सकती है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ जल स्रोतों और कृषि गतिविधियों को भी लाभ होगा।
पहाड़ी जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में आगामी दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
इन क्षेत्रों में पहले से ही वर्षा का दौर जारी है, इसलिए संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी स्थितियों पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल सीमित राहत
राज्य के मैदानी जिलों में मौसम का असर अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार हरिद्वार और उधमसिंह नगर में 17 जून से 21 जून के बीच मौसम अधिकतर शुष्क रह सकता है। हालांकि कुछ स्थानों पर बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने तक मैदानी क्षेत्रों में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और पर्यटकों के लिए सतर्कता जरूरी
बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
राज्य में मानसून की संभावित दस्तक से पहले मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में वर्षा गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है।