झारखण्ड

RajyaSabhaElection – झारखंड की दो सीटों पर आज होगा मतदान, दूसरी सीट पर टिकीं नजरें…

RajyaSabhaElection – झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए आज मतदान होने जा रहा है। चुनावी गणित को देखते हुए सत्तारूढ़ महागठबंधन के दोनों उम्मीदवार मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं। खास तौर पर दूसरी सीट के परिणाम पर सभी की नजर बनी हुई है, जहां विधायकों के मतदान का रुख निर्णायक साबित हो सकता है।

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महागठबंधन के पास संख्या बल का भरोसा

राज्य की एक सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार वैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है। विधानसभा में झामुमो के 34 विधायक हैं, जबकि एक उम्मीदवार को जीत के लिए 28 मतों की आवश्यकता है। ऐसे में आवश्यक संख्या पूरी करने के बाद बचने वाले मत दूसरी सीट पर महागठबंधन के सहयोगी कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के पक्ष में जा सकते हैं। यदि गठबंधन के सभी दल एकजुट रहते हैं तो कांग्रेस उम्मीदवार की राह आसान हो जाएगी।

कांग्रेस की जीत सहयोगी दलों पर भी निर्भर

कांग्रेस के पास विधानसभा में 16 विधायक हैं। दूसरी सीट जीतने के लिए उसे झामुमो के अतिरिक्त राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भाकपा माले के विधायकों का समर्थन भी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि गठबंधन के सभी विधायक निर्धारित रणनीति के अनुसार मतदान करते हैं तो कांग्रेस उम्मीदवार को पर्याप्त समर्थन मिल सकता है। हालांकि किसी भी स्तर पर मतों का बिखराव चुनावी समीकरण बदल सकता है।

भाजपा उम्मीदवार के लिए भी खुला है रास्ता

दूसरी ओर, एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी को गठबंधन के 24 विधायकों का समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है। जीत के लिए उन्हें कुछ अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी। ऐसे में यदि विपक्षी खेमे के कुछ विधायक अलग रुख अपनाते हैं तो मुकाबला रोचक हो सकता है। विशेष रूप से राजद के चार विधायकों की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं, क्योंकि उनके वोट चुनावी परिणाम पर असर डाल सकते हैं।

एनडीए में भी क्रॉस वोटिंग की अटकलें

राजनीतिक जानकार यह भी मानते हैं कि क्रॉस वोटिंग की संभावना केवल महागठबंधन तक सीमित नहीं है। एनडीए के भीतर भी विभिन्न दलों के विधायक मौजूद हैं, जिनमें भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा के सदस्य शामिल हैं। यदि किसी पक्ष में अप्रत्याशित मतदान होता है तो चुनाव परिणाम मौजूदा अनुमान से अलग भी हो सकता है।

एकजुटता दिखाने में जुटा सत्तापक्ष

मतदान से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर लगातार बैठकों का दौर चला। इन बैठकों में महागठबंधन के नेताओं और विधायकों ने भाग लिया तथा एकजुटता का संदेश दिया। गठबंधन नेताओं का दावा है कि सभी विधायक साथ हैं और दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

विधायकों को होटल में नहीं रखा जाएगा

गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि विधायकों को किसी होटल या विशेष स्थान पर रखने की आवश्यकता नहीं समझी गई है। सभी विधायक अपने-अपने निवास पर रहेंगे और निर्धारित समय तक विधानसभा पहुंचकर मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। नेताओं का कहना है कि गठबंधन में किसी प्रकार की असहमति नहीं है और सभी सदस्य साझा निर्णय के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

स्पीकर भी करेंगे मतदान

संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष राजनीतिक बैठकों में भाग नहीं लेते क्योंकि वह संवैधानिक पद पर हैं। हालांकि राज्यसभा चुनाव में वह विधायक के रूप में मतदान करेंगे। गठबंधन नेताओं का कहना है कि उनका वोट भी महागठबंधन उम्मीदवारों के समर्थन में जाएगा।

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