बिहार

Monsoon Update – बिहार में धीमी रफ्तार से बढ़ा मानसून, बारिश अब भी कम

Monsoon Update – बिहार में मानसून की दस्तक के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत नहीं मिल पाई है। राज्य के कई हिस्सों में सुबह से ही तापमान और नमी का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, लगभग दस दिनों तक सीमित क्षेत्र में सक्रिय रहने के बाद मानसून ने अब कुछ नए जिलों में आगे बढ़ना शुरू किया है। सोमवार को पटना, गया, जमुई, नवादा और शेखपुरा सहित कई क्षेत्रों में इसका प्रभाव देखने को मिला, हालांकि बारिश का दायरा अभी भी पूरी तरह व्यापक नहीं हो सका है।

bihar monsoon rainfall deficit update

मानसून की प्रगति सामान्य समय की तुलना में धीमी मानी जा रही है। खासकर पटना और गया जैसे जिलों में इसकी पहुंच लगभग एक सप्ताह की देरी से दर्ज की गई है। रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि में राजधानी पटना के कुछ इलाकों में अच्छी वर्षा हुई, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिली।

कई जिलों में आंधी और गरज के साथ बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के कई जिलों में आंधी, मेघगर्जन और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। खगड़िया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली और जमुई समेत कई क्षेत्रों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है। विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ सकती हैं।

सामान्य से काफी कम दर्ज हुई वर्षा

राज्य में मानसून का विस्तार 27 जिलों तक पहुंचने के बावजूद अपेक्षित स्तर पर वर्षा नहीं हो रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बिहार के अधिकांश जिलों में बारिश का गंभीर अभाव बना हुआ है। 36 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि 18 जिलों में यह कमी 50 प्रतिशत या उससे अधिक है।

पटना जिले की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है। निर्धारित अवधि तक जहां लगभग 72.7 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, वहां केवल 12.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस कारण जिले में वर्षा की कमी 83 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

किसानों की बढ़ी चिंता

बारिश की कमी का असर कृषि क्षेत्र पर भी दिखाई देने लगा है। कई जिलों में किसान समय पर खेती की तैयारी और बुवाई को लेकर चिंतित हैं। सीमांचल क्षेत्र के कुछ हिस्सों को छोड़ दें तो अधिकांश इलाकों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है। इससे कृषि कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग ने जताई सुधार की उम्मीद

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ सकती है। विभाग के अनुसार, हाल के दिनों में मानसून ने फिर से गति पकड़ी है और जून के अंतिम सप्ताह में वर्षा की मात्रा बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान कमी के बावजूद जुलाई में बेहतर बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं।

अल नीनो का शुरुआती प्रभाव भी बना कारण

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष अल नीनो के शुरुआती प्रभाव के संकेत देखने को मिल रहे हैं। इसका असर मानसूनी गतिविधियों और वर्षा के वितरण पर पड़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल जून महीने के आंकड़ों के आधार पर सूखे की आशंका जताना जल्दबाजी होगी। यदि जुलाई और अगस्त में सामान्य वर्षा होती है तो स्थिति काफी हद तक संतुलित हो सकती है।

कई जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक कमी

पटना, बांका, गोपालगंज, नालंदा, सहरसा, समस्तीपुर, गया, मुजफ्फरपुर, वैशाली, भागलपुर और अन्य कई जिलों में वर्षा का स्तर सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। वहीं रोहतास, सीवान, पूर्णिया, दरभंगा, भोजपुर, बेगूसराय और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों में भी वर्षा की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.