EncounterCase – भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चला प्रदर्शन
EncounterCase – भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर रविवार को टाटा-कांड्रा मार्ग पर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। बैंक ऑफ बड़ौदा से लाल बिल्डिंग चौक तक निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई।

शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया जुलूस
समाजसेवी प्रमोद पांडे की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। जुलूस के दौरान प्रतिभागियों ने न्याय की मांग करते हुए विभिन्न नारे लगाए और कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच आवश्यक है।
निष्पक्ष जांच पर रहा जोर
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि पूरे मामले की जांच बिना किसी पक्षपात के की जानी चाहिए। उनका मानना है कि जांच के आधार पर यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रतिभागियों ने दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दोष तय होने के बाद कानून के अनुरूप कठोर दंड दिया जाना चाहिए। हालांकि, मामले की जांच अभी संबंधित एजेंसियों के स्तर पर लंबित है और किसी भी पक्ष की आधिकारिक जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
प्रदर्शन में क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इनमें अमित सिंह देव, आशुतोष पांडे, जोगिंदर सिंह, अमरजीत यादव, पवन सिंह, चिंटू पांडे, सागर सिंह, रौशन कुमार और भारती जी सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के पालन की मांग दोहराई।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल प्रदर्शन के बाद लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने उम्मीद जताई कि संबंधित एजेंसियां मामले की सभी परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच करेंगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इस मामले में प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।