उत्तर प्रदेश

MonsoonUpdate – उत्तर प्रदेश में मानसून होगा और सक्रिय, कई जिलों में तेज बारिश के संकेत…

MonsoonUpdate – उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होती दिखाई दे रही हैं। बुधवार को प्रदेश के कई शहरों में सुबह से बादलों का डेरा रहा, हालांकि व्यापक बारिश नहीं हो सकी। कुछ इलाकों में हल्की बौछारें दर्ज की गईं, जबकि अधिकांश स्थानों पर बादलों और नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार से बारिश का दायरा और इसकी तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं।

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प्रदेश में आगे बढ़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून

लखनऊ स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में अपनी पकड़ मजबूत की है। यह उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ क्षेत्रों, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के हिस्सों से आगे बढ़ते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में मानसून के और सक्रिय होने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिससे आने वाले दिनों में कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

मौसम प्रणाली से बढ़ेगी वर्षा की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, निचले क्षोभमंडल में सक्रिय ट्रफ लाइन पंजाब से होते हुए उत्तर प्रदेश और आगे उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ प्रदेश के मध्य भाग के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कई क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

जून में सामान्य से काफी कम हुई बारिश

इस वर्ष जून का महीना बारिश के लिहाज से अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूरे प्रदेश में सामान्य की तुलना में लगभग 54 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की कमी करीब 58 प्रतिशत रही, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी लगभग 47 प्रतिशत दर्ज की गई। कम वर्षा के कारण कई जिलों में गर्मी और उमस का असर लंबे समय तक बना रहा, वहीं कुछ क्षेत्रों में खेती को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति

बारिश की कमी का सबसे अधिक असर भदोही और कौशांबी जैसे जिलों में देखने को मिला, जहां हालात सूखे जैसी स्थिति की ओर बढ़ते दिखाई दिए। इसके अलावा प्रदेश के अनेक जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव, झांसी, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, अलीगढ़ और कई अन्य जिलों में जून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश रिकॉर्ड की गई।

कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा

जहां अधिकांश जिले वर्षा की कमी से जूझते रहे, वहीं कुछ स्थानों पर स्थिति अलग रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गोंडा उन चुनिंदा जिलों में शामिल रहा जहां जून के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। यहां औसत से लगभग 16 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई के दौरान भी वर्षा का वितरण असमान रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमानों और चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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