Insurance – होमगार्डों के कैशलेस इलाज सहित कई प्रस्तावों पर टिकी कैबिनेट की नजर
Insurance –उत्तर प्रदेश सरकार की सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में कई अहम जनकल्याण और प्रशासनिक प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है। इनमें होमगार्डों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव प्रमुख माना जा रहा है। इसके अलावा नई Startup Policy, विश्वविद्यालयों की स्थापना, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बीमा सुरक्षा तथा अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। बैठक के बाद मंत्रिपरिषद के समूह की अलग बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें संगठनात्मक और प्रशासनिक मुद्दों पर विचार हो सकता है।

होमगार्ड परिवारों को मिल सकती है स्वास्थ्य सुविधा
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश के होमगार्ड और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 1.18 लाख होमगार्ड सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 41 हजार से अधिक नई भर्तियां भी पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में इस योजना का लाभ करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्डों और उनके परिवारों तक पहुंचने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य सुरक्षा बलों से जुड़े कर्मियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।
Startup Policy को भी मिल सकती है मंजूरी
कैबिनेट के एजेंडे में प्रदेश की नई Startup Policy भी शामिल है। प्रस्तावित नीति के तहत नए उद्यम शुरू करने वालों को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी, वित्तीय सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को स्वरोजगार और नवाचार की दिशा में प्रोत्साहित करना तथा प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत करना है।
शिक्षा और प्रशासन से जुड़े प्रस्ताव भी सूची में
बैठक में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन से संबंधित प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है। इसके अलावा तीन नए विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल बताया जा रहा है। मदरसा शिक्षा परिषद से जुड़े अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों के शिक्षकों के लिए असामयिक मृत्यु की स्थिति में ग्रेच्युटी भुगतान संबंधी प्रस्ताव पर भी निर्णय होने की संभावना है। साथ ही शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलने का प्रस्ताव भी विचार के लिए रखा जा सकता है।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बीमा सुरक्षा
बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच प्रस्तावित समझौते के तहत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा अन्य कर्मचारियों को दुर्घटना और जीवन बीमा का लाभ देने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से करीब 10 लाख स्थायी और संविदा कर्मियों को लाभ मिल सकता है। योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को दुर्घटना, स्थायी दिव्यांगता और अन्य जोखिमों के लिए निर्धारित बीमा कवर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इस कार्यक्रम से जुड़े समझौते पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हस्ताक्षर होने की संभावना जताई गई है।
परिवारों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधान
प्रस्तावित व्यवस्था में कर्मचारियों के परिवारों के लिए भी अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधान शामिल किए गए हैं। किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है। वहीं जिन कर्मचारियों के वेतन खाते पहले से भारतीय स्टेट बैंक में हैं, उन्हें विशेष सैलरी पैकेज से जोड़ा जाएगा। जिनके खाते अन्य बैंकों में हैं, उन्हें भी इस सुविधा का लाभ लेने के लिए बैंकिंग प्रक्रिया से जोड़ने की योजना बनाई गई है।