मनोरंजन

Padosan – महमूद की जिद के आगे झुके किशोर कुमार, तब मिला यादगार किरदार…

Padosan – साल 1968 में रिलीज हुई फिल्म ‘पड़ोसन’ आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में सुनील दत्त, सायरा बानो, महमूद और किशोर कुमार की अदाकारी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। खास तौर पर संगीत गुरु विद्यापति के रूप में किशोर कुमार का अभिनय और उनकी हास्य शैली आज भी याद की जाती है। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस किरदार के लिए उन्हें तैयार करना निर्माताओं के लिए आसान नहीं था।

padosan kishore kumar iconic role

अभिनय से दूरी बना चुके थे किशोर कुमार

फिल्म के निर्माता और अभिनेता महमूद शुरू से चाहते थे कि विद्यापति की भूमिका केवल किशोर कुमार ही निभाएं। उस समय किशोर कुमार का अधिक ध्यान गायकी पर था और वे फिल्मों में अभिनय करने के लिए ज्यादा उत्सुक नहीं थे। जब उन्हें यह भूमिका प्रस्तावित की गई तो उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। महमूद ने कई बार उनसे बातचीत की, लेकिन शुरुआती कोशिशों में उन्हें सफलता नहीं मिली।

महमूद की लगन ने बदल दिया फैसला

बताया जाता है कि महमूद ने हार नहीं मानी और लगातार किशोर कुमार को मनाने का प्रयास करते रहे। फिल्मी किस्सों के अनुसार, एक अवसर पर वे पूरी रात किशोर कुमार के घर के बाहर रुके रहे। उनकी इस प्रतिबद्धता ने आखिरकार किशोर कुमार का मन बदल दिया और उन्होंने फिल्म के लिए सहमति दे दी। इसके बाद उन्होंने संगीत गुरु विद्यापति का ऐसा किरदार निभाया, जिसे हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार हास्य पात्रों में गिना जाता है।

वास्तविक जीवन से मिली थी किरदार की प्रेरणा

मीडिया रिपोर्ट्स और फिल्मी चर्चाओं के मुताबिक, विद्यापति का किरदार पूरी तरह काल्पनिक नहीं था। कहा जाता है कि किशोर कुमार ने इस भूमिका को अपने रिश्तेदार और प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक धनंजय बनर्जी की शैली से प्रेरित होकर निभाया था। यही कारण था कि उनके हाव-भाव, बोलने का अंदाज और संगीत प्रस्तुत करने की शैली दर्शकों को अलग और प्रभावशाली लगी। इस किरदार ने फिल्म की लोकप्रियता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

भोला के किरदार के लिए भी हुई थी लंबी तलाश

फिल्म के मुख्य पात्र भोला के लिए भी शुरुआती दौर में कई नामों पर विचार किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्माता महमूद चाहते थे कि आर.डी. बर्मन इस भूमिका को निभाएं, क्योंकि दोनों के बीच अच्छा पेशेवर तालमेल था। लेकिन आर.डी. बर्मन अभिनय के बजाय संगीत निर्देशन पर ध्यान देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। कुछ चर्चाओं में गुरु दत्त का नाम भी सामने आता है, लेकिन उनके निधन के बाद यह संभावना समाप्त हो गई।

सुनील दत्त ने निभाया यादगार किरदार

आखिरकार भोला की भूमिका सुनील दत्त को मिली। गंभीर और दमदार भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले सुनील दत्त ने इस कॉमिक किरदार में भी दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी सहज अभिनय शैली और महमूद तथा किशोर कुमार के साथ स्क्रीन पर बनी शानदार केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। रिलीज के बाद ‘पड़ोसन’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और वर्ष की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हुई।

आज भी कायम है फिल्म की लोकप्रियता

‘पड़ोसन’ के कई गीत आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं। खासकर ‘मेरे सामने वाली खिड़की में’ जैसे गानों ने समय के साथ अपनी लोकप्रियता बरकरार रखी है। फिल्म की हास्य शैली, यादगार संवाद और कलाकारों का अभिनय इसे हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्मों की सूची में विशेष स्थान दिलाते हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.