स्वास्थ्य

DigestionHealth – पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए मानें इन गलतियों से बचने की सलाह

DigestionHealth – पाचन तंत्र की सेहत का सीधा असर पूरे शरीर पर पड़ता है। जब डाइजेशन सही रहता है तो शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है, जबकि गड़बड़ी होने पर कब्ज, गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं बार-बार परेशान कर सकती हैं। गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर जोसेफ ने हाल ही में पाचन स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ ऐसी आदतों का जिक्र किया है, जिनसे बचना फायदेमंद माना जाता है। उनके मुताबिक, कुछ मामलों में केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय जीवनशैली और खानपान में सुधार अधिक असरदार हो सकता है।

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कब्ज में केवल स्टूल सॉफ्टनर पर निर्भर न रहें

डॉक्टर जोसेफ के अनुसार, कब्ज की समस्या होने पर कई लोग स्टूल सॉफ्टनर दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि Docusate Sodium जैसे कुछ उत्पादों की प्रभावशीलता पर पहले भी शोध किए जा चुके हैं। American Journal of Gastroenterology में प्रकाशित एक अध्ययन में यह संकेत मिला कि कुछ परिस्थितियों में यह दवा प्लेसीबो की तुलना में उल्लेखनीय अतिरिक्त लाभ नहीं दिखा सकी। हालांकि, किसी भी दवा का उपयोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए और स्वयं उपचार शुरू या बंद नहीं करना चाहिए।

फाइबर, पानी और नियमित गतिविधि को दें प्राथमिकता

विशेषज्ञों का कहना है कि कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए पर्याप्त मात्रा में फाइबर युक्त भोजन लेना अधिक उपयोगी हो सकता है। ईसबगोल की भूसी, साबुत अनाज, ताजे फल और हरी सब्जियां भोजन में शामिल करने से लाभ मिल सकता है। साथ ही पूरे दिन पर्याप्त पानी पीना और नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखना भी जरूरी है। कीवी जैसे फलों को भी कई विशेषज्ञ पाचन के लिए लाभकारी मानते हैं, हालांकि किसी भी आहार में बदलाव से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सलाह लेना बेहतर रहता है।

दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक उपयोग हो सकता है जोखिमभरा

डॉक्टर जोसेफ ने यह भी बताया कि Ibuprofen और Naproxen जैसी Non-Steroidal Anti-Inflammatory Drugs (NSAIDs) का लंबे समय तक या बिना चिकित्सकीय सलाह के उपयोग करने से पाचन तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। Clinical Medicine सहित विभिन्न शोधों में ऐसे मामलों का उल्लेख किया गया है, जिनमें इन दवाओं के अत्यधिक उपयोग से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग और पेप्टिक अल्सर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यदि किसी व्यक्ति को इन दवाओं की नियमित आवश्यकता पड़ रही है, तो उसे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

निगलने में दिक्कत को हल्के में न लें

यदि भोजन या पानी निगलने में लगातार कठिनाई महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति कई अलग-अलग चिकित्सकीय कारणों से जुड़ी हो सकती है, जिनकी समय पर जांच आवश्यक होती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर Upper Endoscopy जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं, जिससे समस्या का वास्तविक कारण पता लगाया जा सके और उचित उपचार शुरू किया जा सके।

स्वस्थ आदतें ही बेहतर पाचन की आधारशिला

विशेषज्ञों का मानना है कि पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं का अनावश्यक उपयोग न करना सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि कब्ज, पेट दर्द, एसिडिटी या निगलने में कठिनाई जैसी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना अधिक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प माना जाता है।

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