OTTBan – ‘सतलुज’ पर फिर बढ़ा विवाद, रिलीज के दो दिन बाद भारत में हटाई गई फिल्म
OTTBan – दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा में है। वर्षों तक सेंसर और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद 3 जुलाई को यह फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, रिलीज के लगभग 48 घंटे बाद ही इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। इस फैसले के बाद फिल्म से जुड़ा पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

वास्तविक घटना पर आधारित है फिल्म
‘सतलुज’ की कहानी पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर केंद्रित है। उन्होंने 1984 से 1994 के बीच कथित तौर पर लापता हुए हजारों लोगों के मामलों और उनके अंतिम संस्कार से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की थी। इस जांच ने राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। वर्ष 1995 में जसवंत सिंह खालड़ा स्वयं लापता हो गए। बाद में इस मामले में पंजाब पुलिस के कुछ कर्मियों को दोषी ठहराया गया और न्यायालय ने उन्हें सजा सुनाई, जिसे आगे चलकर आजीवन कारावास में बदल दिया गया।
रिलीज से पहले कई बार बदला गया फिल्म का नाम
फिल्म का शीर्षक शुरुआत में ‘घल्लूघारा’ रखा गया था, लेकिन इस नाम पर आपत्ति दर्ज होने के बाद इसे बदलना पड़ा। इसके बाद फिल्म ‘पंजाब 95’ के नाम से सामने आई और इसी शीर्षक के साथ इसका प्रदर्शन टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ, जहां दिलजीत दोसांझ के अभिनय को सराहना मिली। बाद में परिस्थितियों और अनुमति संबंधी कारणों के चलते डिजिटल रिलीज के समय फिल्म का नया नाम ‘सतलुज’ रखा गया।
सेंसर प्रक्रिया बनी सबसे बड़ी चुनौती
फिल्म के निर्माताओं को भारत में रिलीज के लिए लंबे समय तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की प्रक्रिया का सामना करना पड़ा। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले फिल्म में 127 बदलाव और कट लगाने का सुझाव दिया गया था। इनमें कुछ ऐतिहासिक घटनाओं, स्थानों और पात्रों से जुड़े संदर्भों में संशोधन भी शामिल बताए गए। आवश्यक मंजूरी समय पर नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी और बाद में इसे सीमित विदेशी बाजारों में प्रदर्शित किया गया।
OTT पर आई, फिर अचानक हट गई
लंबे इंतजार के बाद 3 जुलाई को फिल्म को जी5 पर स्ट्रीम किया गया। लेकिन 5 जुलाई को प्लेटफॉर्म ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि भारत में फिल्म को फिलहाल हटा दिया गया है। कंपनी ने हटाने के पीछे किसी विशेष कारण का खुलासा नहीं किया। हालांकि, यह भी कहा गया कि फिल्म कुछ अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में उपलब्ध रहेगी और प्लेटफॉर्म रचनात्मक टीम के साथ खड़ा है। साथ ही कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत में दोबारा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी रहने की बात भी कही गई।
दिलजीत दोसांझ ने पहले ही जताई थी आशंका
फिल्म को लेकर दिलजीत दोसांझ पहले भी इसे अपने करियर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक बता चुके हैं। रिलीज के बाद एक सोशल मीडिया लाइव सत्र के दौरान उन्होंने संकेत दिया था कि फिल्म भारत में अधिक समय तक उपलब्ध नहीं रह सकती। उन्होंने दर्शकों से कहा था कि यदि वे फिल्म देखना चाहते हैं तो जल्द देख लें। कुछ ही समय बाद प्लेटफॉर्म से फिल्म हटाए जाने के बाद उनकी यह टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई।
विवाद अब भी बना हुआ है
फिल्म को लेकर सेंसर, कानूनी प्रक्रिया और डिजिटल उपलब्धता से जुड़े मुद्दों पर बहस जारी है। फिलहाल भारत में इसे दोबारा कब उपलब्ध कराया जाएगा, इस बारे में कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिन क्षेत्रों में यह उपलब्ध है, वहां दर्शक इसे देख सकते हैं। फिल्म से जुड़ी आगे की किसी भी आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।