KanwarYatra – भीड़ प्रबंधन के लिए नए नियम, डीजे और कांवड़ की सीमा तय…
KanwarYatra- उत्तर प्रदेश में इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए पुलिस-प्रशासन ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, महाकुंभ की तर्ज पर तैयार की गई इस योजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के साथ-साथ यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

कांवड़ और डीजे के आकार पर तय किए गए मानक
नई गाइडलाइन के तहत कांवड़ और डीजे की ऊंचाई 10 फीट तथा चौड़ाई 12 फीट से अधिक नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही म्यूजिक सिस्टम की ध्वनि सीमा अधिकतम 75 डेसीबल निर्धारित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित संचालकों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 168 के तहत नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।
केवल धार्मिक गीतों की होगी अनुमति
यात्रा के दौरान डीजे पर केवल धार्मिक गीत बजाने की अनुमति होगी। अश्लील, आपत्तिजनक या किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने वाले गीतों पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन ने डीजे प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी अनुमति नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का पालन न करने वाले संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ रजिस्टर और QR Code व्यवस्था
इस बार प्रत्येक थाने में कांवड़ यात्रा से संबंधित अलग रजिस्टर तैयार किया जाएगा, जिसमें यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारी दर्ज होगी। वहीं, यात्रा मार्ग पर संचालित होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट को खाद्य एवं औषधि प्रशासन से QR Code प्राप्त करना होगा। इस व्यवस्था के तहत खाद्य पदार्थों की कीमतें सार्वजनिक रहेंगी और श्रद्धालु QR Code स्कैन कर निर्धारित दरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सादे वेश और कांवड़ियों के परिधान में भी कुछ पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना बनाई है। इसके अलावा प्रमुख स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे तथा गोताखोरों के संपर्क नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आवश्यक दवाइयों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्युत विभाग को भी मार्ग पर मौजूद बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर और तारों की सुरक्षा जांच करने को कहा गया है।
यातायात प्रबंधन के लिए विशेष रूट प्लान
यात्रा के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, मेरठ से हरिद्वार और देहरादून जाने वाले वाहनों को मेरठ-करनाल हाईवे के रास्ते शामली होकर ग्रीन कॉरिडोर से भेजा जाएगा। वहीं, मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे सामान्य रूप से खुले रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं के साथ बेहतर समन्वय और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जा सके।