Cinema – मल्टीप्लेक्स में सीधे टिकट लेने पर क्यों बढ़ रही है कीमत, जानिए वजह…
Cinema- अगर आपने हाल के दिनों में किसी मल्टीप्लेक्स से सीधे काउंटर या उसकी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए फिल्म की टिकट खरीदी है, तो संभव है कि आपको पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ी हो। यह बदलाव किसी तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा नहीं है, बल्कि टिकट बिक्री के लिए अपनाई जा रही एक नई मूल्य निर्धारण प्रणाली का हिस्सा है। इसी वजह से एक ही फिल्म और एक ही शो की टिकटों के दाम समय और मांग के अनुसार बदलते हुए दिखाई दे सकते हैं।

मांग के अनुसार बदल रही हैं टिकट की कीमतें
मल्टीप्लेक्स कंपनियां अब ऐसी व्यवस्था अपना रही हैं, जिसमें किसी शो की मांग बढ़ने के साथ टिकट की कीमत भी बढ़ सकती है। जैसे-जैसे किसी शो की सीटें भरती जाती हैं, बची हुई सीटों के दाम पहले की तुलना में अधिक हो सकते हैं। वहीं जिन शो में दर्शकों की संख्या कम रहती है, वहां टिकट अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा सकती है। इस मॉडल का उद्देश्य उपलब्ध सीटों का बेहतर उपयोग करना और अलग-अलग स्तर पर दर्शकों को विकल्प देना माना जा रहा है।
क्या है डायनैमिक प्राइसिंग मॉडल
इस व्यवस्था को डायनैमिक प्राइसिंग मॉडल कहा जाता है। यह ऐसी प्रणाली है जिसमें किसी सेवा या उत्पाद की कीमत तय मांग और उपलब्धता के आधार पर बदल सकती है। दुनिया के कई देशों में एयरलाइन, होटल, खेल प्रतियोगिताओं और लाइव इवेंट्स की टिकट बिक्री में इस मॉडल का लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। अब मल्टीप्लेक्स उद्योग भी इसी सिद्धांत पर टिकटों की कीमत तय कर रहा है।
पीवीआर आईनॉक्स ने क्या कहा
इंडिया टुडे से बातचीत में PVR INOX के बिजनेस प्लानिंग और स्ट्रैटजी प्रमुख कमल ज्ञानचंदानी ने बताया कि यह मॉडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार की जा चुकी रेवेन्यू मैनेजमेंट प्रक्रिया का हिस्सा है। उनके अनुसार कंपनी ने कुछ वर्ष पहले अपनी रणनीति के तहत इसे लागू किया था। उनका कहना है कि इससे अलग-अलग मांग वाले शो के लिए कीमतों में लचीलापन रखा जा सकता है और सिनेमाघरों की सीटों का बेहतर उपयोग संभव होता है।
दर्शकों को क्या मिलेगा फायदा
कंपनी का दावा है कि इस व्यवस्था से दर्शकों को अपनी सुविधा और बजट के अनुसार विकल्प मिल सकते हैं। जिन फिल्मों की मांग अपेक्षाकृत कम होती है, उनके कई शो में टिकट कम कीमत पर मिल सकती है। वहीं लोकप्रिय फिल्मों के व्यस्त शो में बेहतर सीट चुनने के इच्छुक दर्शकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। इस तरह एक ही फिल्म के अलग-अलग शो में टिकट दरों में अंतर देखने को मिल सकता है।
अगली बार टिकट खरीदते समय रखें ध्यान
यदि किसी लोकप्रिय फिल्म की टिकट बुक करते समय आपको सामान्य से अधिक कीमत दिखाई दे, तो इसकी वजह यही मूल्य निर्धारण प्रणाली हो सकती है। ऐसे में पहले से बुकिंग करना या कम भीड़ वाले शो का चयन करना अपेक्षाकृत किफायती विकल्प साबित हो सकता है। आने वाले समय में मल्टीप्लेक्स उद्योग में इस मॉडल का दायरा और बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे टिकट की कीमतें मांग के अनुसार बदलती रह सकती हैं।