Recipe – बिना चावल की रागी इडली से बनाएं हेल्दी और स्वादिष्ट नाश्ता
Recipe- अगर रोजाना एक जैसा नाश्ता खाते-खाते बदलाव की इच्छा हो, तो रागी की इडली एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह पारंपरिक इडली से अलग है क्योंकि इसे बनाने में चावल की जरूरत नहीं पड़ती। रागी से तैयार यह इडली स्वाद के साथ-साथ पौष्टिकता का भी अच्छा मेल मानी जाती है। सही तरीके से घोल तैयार किया जाए तो इसकी बनावट बेहद मुलायम आती है और इसे सांभर या अलग-अलग तरह की चटनी के साथ परोसा जा सकता है।

रागी इडली के लिए जरूरी सामग्री
इस रेसिपी को बनाने के लिए आधा कप उड़द दाल, एक चौथाई छोटा चम्मच मेथी दाना, एक कप रागी का आटा, स्वादानुसार नमक और आवश्यकतानुसार पानी लें। यदि सभी सामग्री सही मात्रा में इस्तेमाल की जाए तो इडली का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर बनते हैं।
सबसे पहले तैयार करें घोल
सबसे पहले उड़द दाल और मेथी दाने को अच्छी तरह धोकर चार से पांच घंटे के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद अतिरिक्त पानी निकालकर दोनों को एक साथ बारीक और मुलायम पेस्ट बना लें। अब अलग बर्तन में रागी के आटे में थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें। ध्यान रखें कि घोल में किसी प्रकार की गांठ न रहे। इसके बाद उड़द दाल का पेस्ट और रागी का मिश्रण अच्छी तरह मिलाकर बर्तन को ढक दें और इसे रातभर किसी गर्म स्थान पर रख दें, ताकि घोल अच्छी तरह फूल सके।
स्टीमर में ऐसे पकाएं इडली
अगले दिन तैयार घोल में स्वादानुसार नमक मिलाएं। इडली के सांचे में हल्का तेल लगाकर उसमें घोल भर दें। अब स्टीमर या इडली कुकर में इन्हें लगभग 10 से 12 मिनट तक भाप में पकाएं। पकने के बाद इडली को कुछ मिनट ठंडा होने दें, फिर सावधानी से सांचे से बाहर निकालें। इससे इडली टूटेगी नहीं और उसकी बनावट भी अच्छी बनी रहेगी।
किसके साथ परोसें
गरमागरम रागी इडली का स्वाद सांभर के साथ सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी या मूंगफली की चटनी के साथ भी इसे परोसा जा सकता है। अलग-अलग चटनियों के साथ इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है, जिससे नाश्ता अधिक स्वादिष्ट बनता है।
रागी इडली क्यों है बेहतर विकल्प
जो लोग अपने भोजन में चावल की मात्रा कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। भाप में पकने की वजह से यह हल्का नाश्ता माना जाता है। रागी में कैल्शियम, फाइबर और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा भी बनाया जा सकता है। यदि घोल सही तरीके से फर्मेंट हो और बहुत पतला न हो, तो इडली मुलायम बनती है। साथ ही सांचे में थोड़ा तेल लगाने और जरूरत से ज्यादा देर तक न पकाने से भी बेहतर परिणाम मिलते हैं।