Gold Price – वैश्विक घटनाक्रम के बीच सोना-चांदी की कीमतों में आई नरमी
Gold Price- अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर बुधवार को घरेलू वायदा बाजार में भी देखने को मिला। वैश्विक संकेतों के बीच मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत सोने और चांदी दोनों में गिरावट के साथ हुई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अनिश्चितता ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है।

एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में गिरावट
सुबह के कारोबार में MCX पर सोने और चांदी दोनों के भाव कमजोर रहे। अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद स्तर से नीचे खुला और कारोबार के दौरान इसमें और नरमी दर्ज की गई। इसी तरह सितंबर डिलीवरी वाली चांदी भी शुरुआती सत्र में गिरावट के साथ कारोबार करती दिखाई दी। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक वैश्विक संकेतों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला मिला-जुला संकेत
विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल के दाम बढ़े, जबकि अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली। इसके चलते निवेशकों की रणनीति में बदलाव देखा गया। हाजिर बाजार में सोने और चांदी की चाल अलग-अलग रही, जबकि फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स में भी अस्थिरता बनी रही।
किन वजहों से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के कारण ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हुई है। तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत हुई, जिसके चलते अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली। आम तौर पर ऐसी स्थिति में ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदलती हैं और इसका असर सोने-चांदी जैसे निवेश विकल्पों पर भी पड़ता है।
ब्याज दरों पर निवेशकों की नजर
बाजार की निगाह अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति से जुड़े संकेतों पर टिकी हुई है। निवेशकों को उम्मीद है कि बैठक के विवरण से आगे की ब्याज दर नीति का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। CME FedWatch Tool के अनुसार, सितंबर में ब्याज दरों को लेकर बाजार की संभावनाओं में बदलाव दर्ज किया गया है। ऊंची ब्याज दरों की आशंका आमतौर पर बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों, जैसे सोने, पर दबाव बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों ने बताए अहम स्तर
इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी के अनुसार, निकट अवधि में MCX पर सोने और चांदी का रुख फिलहाल कमजोर दिखाई दे रहा है। हालांकि, यदि बाजार में शॉर्ट कवरिंग बढ़ती है तो कीमतों में सीमित सुधार की संभावना भी बनी रह सकती है। उन्होंने सोने के लिए 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास प्रतिरोध और 1,44,000 रुपये के स्तर को प्रमुख सपोर्ट बताया है। वहीं चांदी के लिए 2,32,500 रुपये प्रति किलोग्राम को रेजिस्टेंस और 2,28,000 रुपये के आसपास सपोर्ट स्तर महत्वपूर्ण माना है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाओं का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर लगातार दिखाई दे सकता है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। अस्थिर माहौल में सोच-समझकर निवेश करना अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।