Health – चिकनपॉक्स के शुरुआती संकेत पहचानें, जरूरी है समय पर इलाज
Health- मौसम में बदलाव के साथ कई संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिनमें चिकनपॉक्स भी शामिल है। हाल के दिनों में बच्चों के साथ-साथ वयस्कों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य वायरल बुखार जैसे लगते हैं, इसलिए कई लोग समय रहते बीमारी की पहचान नहीं कर पाते। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बुखार के बाद यदि शरीर पर लाल दाने या फफोले दिखाई दें, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें
चिकनपॉक्स की शुरुआत आमतौर पर तेज बुखार से होती है। कई मरीजों में शरीर का तापमान 100 से 102 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। इसके बाद चेहरे, छाती, पीठ या सिर की त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने निकलने लगते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकते हैं। बच्चों में इसके साथ कमजोरी, भूख कम लगना और पूरे शरीर में दर्द जैसी शिकायतें भी देखने को मिल सकती हैं।
डॉक्टर ने क्या दी सलाह
पीडियाट्रिशियन डॉ. सौरभ राठी के अनुसार, कुछ स्थानों पर चिकनपॉक्स को धार्मिक मान्यताओं से जोड़कर देखा जाता है, जिसके कारण कई परिवार शुरुआती इलाज कराने में देरी कर देते हैं। उनका कहना है कि समय पर चिकित्सकीय परामर्श और उचित उपचार मिलने से मरीज की परेशानी कम हो सकती है और बीमारी से उबरने में भी कम समय लग सकता है। उन्होंने लोगों से सलाह दी कि किसी भी तरह की मान्यता के बजाय डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।
इन लक्षणों पर भी रखें नजर
चिकनपॉक्स के दौरान लाल या भूरे रंग के फफोले जैसे दाने दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में ये मुंह के अंदर या पलकों के आसपास भी निकल सकते हैं। इसके अलावा गले में खराश, शरीर में दर्द, थकान और ऐंठन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यदि दाने तेजी से बढ़ रहे हों या बुखार लगातार बना रहे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
संक्रमण फैलने से बचाने के उपाय
चिकनपॉक्स एक संक्रामक बीमारी है और यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूसरे लोगों तक फैल सकती है। इसलिए मरीज को परिवार के अन्य सदस्यों से कुछ समय के लिए अलग रखना उचित माना जाता है। मरीज के कपड़े, तौलिया और अन्य व्यक्तिगत सामान अलग रखें तथा उन्हें अलग से साफ करें। साथ ही दानों को खुजलाने से बचें, क्योंकि इससे संक्रमण बढ़ने या त्वचा पर निशान पड़ने की आशंका हो सकती है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए
विशेषज्ञों के अनुसार, चिकनपॉक्स के दौरान पर्याप्त पानी पीना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन करना जरूरी है। बुखार की स्थिति में बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा नहीं लेनी चाहिए। यदि मरीज को सांस लेने में तकलीफ, लगातार तेज बुखार, सीने में दर्द, तेज सिरदर्द या लगातार खांसी जैसी गंभीर समस्याएं महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज और सही देखभाल से अधिकांश मरीज सुरक्षित रूप से स्वस्थ हो सकते हैं।