BorderVillage – सात दशक बाद सीमावर्ती गांव थपलियालखेड़ा में पहुंची बिजली
BorderVillage- भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तराखंड के चंपावत जिले के थपलियालखेड़ा गांव में आजादी के कई दशक बाद पहली बार घरों में बिजली की रोशनी पहुंची है। लंबे समय से अंधेरे में जीवन बिताने वाले ग्रामीणों के लिए यह पल किसी उत्सव से कम नहीं रहा। गांव के अधिकांश घर अब विद्युत आपूर्ति से जुड़ चुके हैं, जिससे लोगों को दैनिक जीवन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार यह कदम सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अधिकांश परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के अधिकारियों के मुताबिक गांव में आवश्यक विद्युत ढांचा तैयार करने के बाद पहले चरण में 36 घरों को बिजली कनेक्शन दे दिए गए हैं। शेष परिवारों तक भी जल्द आपूर्ति पहुंचाने का काम जारी है। करीब 140 की आबादी वाले इस गांव में कुल 42 परिवार रहते हैं। वर्षों से बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रहने के कारण यहां के लोगों को सामान्य जरूरतों के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नेपाल पर थी निर्भरता
बिजली नहीं होने की वजह से गांव में कई बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी थीं। ग्रामीणों को छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए भी नेपाल के निकटवर्ती बाजारों का रुख करना पड़ता था। यहां तक कि आटा पिसवाने जैसी सामान्य जरूरत के लिए भी लोग सीमा पार स्थित चक्कियों पर निर्भर थे, क्योंकि भारतीय क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग उनके लिए व्यावहारिक नहीं था।
बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामाजिक असर
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं होने से गांव का सामाजिक जीवन भी प्रभावित हुआ। विवाह जैसे पारिवारिक आयोजन कम होते गए और लोग यहां रिश्ते करने से बचने लगे। स्थानीय लोगों के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान आखिरी बार गांव में नई बहू आई थी। उसके बाद मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने इस गांव को विकास की मुख्यधारा से काफी पीछे रखा।
सरकार और विभाग के प्रयास से बदली तस्वीर
प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार के निर्देशों के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास तेज किए गए। इसी क्रम में UPCL ने गांव तक बिजली पहुंचाने का काम पूरा किया। अधिकारियों के अनुसार चंपावत जिले के खिरद्वारी क्षेत्र में भी 35 से अधिक नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी आगे की कार्रवाई जारी है।
सीमा विवाद के कारण भी रहा चर्चा में गांव
हाल के महीनों में थपलियालखेड़ा भारत-नेपाल सीमा से जुड़े एक विवाद के कारण भी सुर्खियों में रहा था। गांव के निकट नो-मेंस लैंड क्षेत्र में भूमि को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आए थे। सूचना मिलने के बाद प्रशासन, राजस्व विभाग और सशस्त्र सीमा बल की टीमें मौके पर पहुंची थीं। इसके बाद दोनों पक्षों के अधिकारियों ने विवादित क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगाने का निर्णय लिया था। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इलाके की निगरानी कर रही हैं।
विकास की नई उम्मीद जगी
ग्रामीणों का मानना है कि बिजली आने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे स्तर पर रोजगार के अवसरों में सुधार होगा। जिला प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि सीमावर्ती गांवों में अन्य आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए योजनाओं पर काम जारी है, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।