TradeWar – ट्रंप के नए बयान से अमेरिका-ईरान तनाव फिर सुर्खियों में…
TradeWar- अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया बयान चर्चा का विषय बन गया है। एक मीडिया इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत को हालिया संघर्षों में गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व और रक्षा ढांचे पर गहरा असर पड़ा है। ट्रंप की ओर से मोजतबा खामेनेई को लेकर की गई टिप्पणी ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

मोजतबा खामेनेई को लेकर बढ़ी अटकलें
ट्रंप ने बातचीत के दौरान कहा कि मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। हाल ही में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उनकी अनुपस्थिति के बाद विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि मोजतबा की मौजूदा स्थिति को लेकर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिर आमने-सामने अमेरिका और ईरान
हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव दोबारा बढ़ा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह जारी रहा तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग सेक्टर पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
अमेरिकी दावों पर ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उसकी कार्रवाई में कई सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम, रडार केंद्रों तथा मिसाइल और ड्रोन से जुड़े संसाधनों को निशाना बनाया गया। वहीं ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि देश अपनी सुरक्षा और समुद्री सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है। ईरान ने यह भी दोहराया कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उसका रुख पहले जैसा ही बना हुआ है।
होर्मुज को लेकर फिर सख्त रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी रणनीति को और सख्ती से लागू करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि इन प्रस्तावित उपायों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सरकारी आदेश जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दे रहा है।