Iran – अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप, ईरान ने वार्ता से भी बनाई दूरी
Iran- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम से जुड़े समझौते की शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। तेहरान ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक वाशिंगटन अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक किसी नए समझौते या आगे की बातचीत की संभावना नहीं है। इसी क्रम में ईरान ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता में शामिल होने की खबरों को भी खारिज कर दिया है।

विदेश मंत्रालय का स्पष्ट संदेश
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रेस वार्ता में कहा कि दोनों देशों के संबंध फिलहाल अनिश्चित स्थिति में हैं। उनके अनुसार, अमेरिका ने जिन जिम्मेदारियों को निभाने का आश्वासन दिया था, उन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी कूटनीतिक प्रक्रिया की सफलता दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है और जब तक दूसरी ओर से समझौते का पालन नहीं होगा, तब तक आगे बढ़ना संभव नहीं है।
हालिया घटनाओं के बाद बढ़ा अविश्वास
पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद स्विट्जरलैंड में कई स्तरों पर वार्ताएं भी हुईं। हालांकि, 6 जुलाई को हॉर्मुज स्ट्रेट के निकट तीन व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद हालात फिर से बदल गए। इस घटना के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए, जिससे कूटनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
सैन्य कार्रवाई पर ईरान का पक्ष
प्रवक्ता बघाई ने हाल में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने संबंधी कार्रवाई का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कदम आत्मरक्षा के अधिकार के तहत उठाया गया था। उनका दावा था कि क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए ईरान ने अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप कार्रवाई की और इसे आक्रामक नीति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर सख्त रुख
ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी गतिविधियों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। बघाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका की मौजूदगी और उसकी हालिया गतिविधियां युद्धविराम की भावना के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि यह सामरिक जलमार्ग ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि समुद्री मार्ग पर सुरक्षित और निर्बाध शिपिंग सुनिश्चित करने के लिए ईरान लगातार जिम्मेदारी के साथ काम करता रहा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिका पर पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने व्यावसायिक जहाजों को अमेरिकी नौसैनिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे कदम तनाव कम करने के बजाय अविश्वास को बढ़ाते हैं। उनके अनुसार, इससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
प्रस्तावित वार्ता पर भी स्थिति स्पष्ट
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की संभावित वार्ता को लेकर सामने आई रिपोर्टों को भी तेहरान ने अस्वीकार कर दिया। विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि फिलहाल ऐसी किसी बैठक की पुष्टि नहीं की गई है और मौजूदा परिस्थितियों में आगे की बातचीत तभी संभव होगी जब पहले से तय प्रतिबद्धताओं पर ठोस प्रगति दिखाई दे।