Fairfax – IDBI बैंक में हिस्सेदारी खरीद सौदे को मिली नई रफ्तार
Fairfax – भारत के बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा निवेश सौदा अंतिम चरण की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, कनाडा की निवेश कंपनी फेयरफैक्स होल्डिंग्स ने IDBI बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए अपना संशोधित प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा है, जिसे मंजूरी मिल गई है। आधिकारिक घोषणा जल्द होने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह लेनदेन पूरा होता है, तो इसे भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में किसी विदेशी कंपनी के सबसे बड़े निवेशों में शामिल किया जाएगा।

संशोधित बोली के बाद बढ़ी डील की संभावना
जानकारी के मुताबिक, फेयरफैक्स ने पहले IDBI बैंक के लिए 75 रुपये प्रति शेयर का प्रस्ताव दिया था। बाद में कंपनी ने अपनी पेशकश बढ़ाकर 81 रुपये प्रति शेयर कर दी। संशोधित मूल्य पर सरकार अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर लगभग 26,620 करोड़ रुपये प्राप्त कर सकती है। इसी प्रस्ताव के बाद विनिवेश प्रक्रिया में तेजी आने की बात सामने आई है।
LIC भी बेच सकती है अपनी हिस्सेदारी
इस प्रस्तावित सौदे में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) भी अपनी करीब 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। सरकार और LIC की हिस्सेदारी को मिलाकर इस सौदे का अनुमानित आकार लगभग 53,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी निवेश का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।
नियामकीय मंजूरी अभी बाकी
हालांकि, सौदा अंतिम रूप लेने से पहले कई नियामकीय स्वीकृतियां आवश्यक होंगी। फेयरफैक्स को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ‘फिट एंड प्रॉपर’ मंजूरी प्राप्त करनी होगी। इसके अलावा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) सहित अन्य संबंधित संस्थाओं की स्वीकृति भी जरूरी होगी। अधिग्रहण पूरा होने की स्थिति में कंपनी को नियमानुसार सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर भी जारी करना होगा।
शेयर बाजार में दिखा सकारात्मक असर
इस संभावित डील का प्रभाव IDBI बैंक के शेयर पर भी देखने को मिला। मंगलवार को बैंक का शेयर 2.9 प्रतिशत की बढ़त के साथ 86.54 रुपये पर बंद हुआ। वहीं बुधवार के कारोबार में यह लगभग 2.76 प्रतिशत की तेजी के साथ 88.93 रुपये तक पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि मार्च में विनिवेश प्रक्रिया धीमी पड़ने के दौरान शेयर 61.01 रुपये के 52 सप्ताह के निचले स्तर तक आ गया था। इसके बाद से इसमें करीब 42 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
सरकार के लक्ष्य को मिल सकती है मजबूती
रिपोर्टों के अनुसार, फेयरफैक्स पहले से ही भारत के बैंकिंग क्षेत्र में सक्रिय है और उसकी भारतीय इकाई के पास CSB बैंक में भी उल्लेखनीय हिस्सेदारी है। ऐसे में भविष्य में RBI इस संबंध में कुछ अतिरिक्त शर्तें तय कर सकता है। दूसरी ओर, यह सौदा सरकार के चालू वित्त वर्ष के एसेट मॉनेटाइजेशन लक्ष्य को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार ने इस वर्ष 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है और IDBI बैंक की हिस्सेदारी बिक्री से इस दिशा में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।