Gold – अमेरिकी महंगाई घटने के बाद भी सोना-चांदी में आई नरमी
Gold – घरेलू वायदा बाजार में बुधवार सुबह सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दिलचस्प बात यह रही कि अमेरिका में महंगाई के अनुमान से कम रहने और डॉलर पर दबाव बनने के बावजूद कीमती धातुओं को मजबूती नहीं मिल सकी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिसका असर सोना और चांदी दोनों पर दिखाई दिया।

MCX पर क्या रहे ताजा भाव
सुबह करीब 9:15 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,41,471 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी का वायदा भाव 0.41 प्रतिशत फिसलकर 2,22,266 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में दबाव बना रहा।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का असर
अमेरिकी श्रम विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई घटकर 3.5 प्रतिशत पर आ गई, जबकि मई में यह 4.2 प्रतिशत थी। मासिक आधार पर कीमतों में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो अप्रैल 2020 के बाद पहली बार नकारात्मक रही। इसके अलावा कोर इन्फ्लेशन भी 2.6 प्रतिशत दर्ज की गई, जो बाजार के अनुमान से कम रही।
इन आंकड़ों के बाद निवेशकों के बीच यह उम्मीद बढ़ी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में आक्रामक बदलाव से बच सकता है। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में भी कमजोरी देखने को मिली और यह पिछले सत्र के 100.92 से घटकर करीब 100.76 पर आ गया।
कच्चे तेल और वैश्विक तनाव ने बढ़ाई चिंता
डॉलर कमजोर होने की स्थिति में आमतौर पर सोने की कीमतों को सहारा मिलता है, लेकिन इस बार बाजार की दिशा अलग रही। इसकी बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। ब्रेंट क्रूड का सितंबर वायदा एक प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 86 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने ऊर्जा बाजार की चिंताओं को बढ़ा दिया है। तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है, जिससे कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।
आगे किन संकेतों पर रहेगी नजर
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। विशेष रूप से अमेरिका-ईरान संबंधों, कच्चे तेल की चाल और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत बाजार की धारणा तय करेंगे। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है तो कीमती धातुओं में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि सकारात्मक कूटनीतिक घटनाक्रम कीमतों पर दबाव बनाए रख सकता है।