Intelligence – खुफिया रिपोर्ट में महिलाओं की भर्ती को लेकर दिखे नए संकेत
Intelligence- भारत की केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के हालिया सुरक्षा आकलन में पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क की कार्यप्रणाली में बदलाव के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ आतंकी संगठनों की ओर से महिलाओं को अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है। एजेंसियों का कहना है कि इसके लिए सीमित अवधि के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिन्हें सामान्य कौशल विकास या व्यावसायिक प्रशिक्षण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों को दिया जा रहा अलग स्वरूप
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, ये प्रशिक्षण सत्र आमतौर पर दो से चार सप्ताह तक चलते हैं। बाहरी तौर पर इन्हें जीवन कौशल, रोजगार संबंधी प्रशिक्षण या व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम के रूप में प्रचारित किया जाता है। हालांकि, एजेंसियों का दावा है कि इनका वास्तविक उद्देश्य कुछ महिलाओं को आतंकी नेटवर्क से जोड़ना और उन्हें विशेष जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि चयनित समूहों के लिए अलग-अलग बैच बनाए जाते हैं।
भर्ती प्रक्रिया में नए तरीकों का इस्तेमाल
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, भर्ती अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कुछ स्थानों पर महिला परिजनों और स्थानीय संपर्कों की मदद ली जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रचार सामग्री में धार्मिक प्रतिबद्धता, सामाजिक सेवा और उद्देश्यपूर्ण जीवन जैसे विषयों को प्रमुखता देकर इच्छुक महिलाओं को आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है। एजेंसियों का मानना है कि यह तरीका भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से अपनाया जा रहा है।
कई भूमिकाओं के लिए दी जा रही तैयारी
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, चयनित महिलाओं को विभिन्न प्रकार की जिम्मेदारियों के लिए प्रशिक्षित किए जाने के संकेत मिले हैं। इनमें लॉजिस्टिक सहायता, तकनीकी सहयोग, ड्रोन संचालन, सूचनाएं एकत्र करना और संचार से जुड़े कार्य शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में सोशल इंजीनियरिंग और हनी ट्रैप जैसी गतिविधियों के उपयोग की आशंका भी एजेंसियों ने जताई है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इन भूमिकाओं का उद्देश्य आतंकी ढांचे को अप्रत्यक्ष सहयोग उपलब्ध कराना हो सकता है।
कई स्थान एजेंसियों की निगरानी में
रिपोर्ट के अनुसार, बहावलपुर, फैसलाबाद और अन्य कुछ स्थानों को ऐसे संभावित केंद्रों के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां इस तरह की गतिविधियां संचालित होने की आशंका है। भारतीय एजेंसियां इन इलाकों से जुड़ी सूचनाओं पर लगातार नजर रखे हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियों ने रणनीति में बदलाव के दिए संकेत
खुफिया अधिकारियों का आकलन है कि हाल के सुरक्षा अभियानों के बाद आतंकी संगठनों ने अपनी भर्ती और संचालन की रणनीति में बदलाव किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब विभिन्न क्षमताओं और विशेषज्ञता के आधार पर लोगों की पहचान कर उन्हें अलग-अलग भूमिकाओं के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है। एजेंसियां इन इनपुट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने में जुटी हैं।