Expressway – लखनऊ-कानपुर मार्ग पर सुरक्षा खामियां, जारी हुए सुधार के निर्देश
Expressway- हाल ही में शुरू हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया गया निरीक्षण कई महत्वपूर्ण कमियों की ओर संकेत करता है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर ऐसे कई स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां गलत दिशा में वाहनों के प्रवेश और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। निरीक्षण के बाद संबंधित एजेंसियों को सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और आवश्यक सुधार जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कट प्वाइंट बने सबसे बड़ी चिंता
निरीक्षण के दौरान एक्सप्रेसवे पर मोहनलालगंज, बनी-बंथरा और उन्नाव क्षेत्र में बने कट प्वाइंट सबसे संवेदनशील पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, इन स्थानों से कुछ वाहन चालक अनजाने में एक्सप्रेसवे पर प्रवेश कर जाते हैं और कई बार गलत दिशा में वाहन चलाने लगते हैं। ऐसी स्थिति आमने-सामने की टक्कर जैसी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। इसके अलावा कुछ संपर्क मार्गों पर दिशा-सूचक सूचना बोर्ड भी पर्याप्त संख्या में नहीं मिले।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई उपाय प्रस्तावित
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संबंधित विभागों ने कई सुधारात्मक कदम सुझाए हैं। कट प्वाइंट पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए फिजिकल बैरियर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही नो एंट्री, नो यू-टर्न और Wrong Side संबंधी स्पष्ट संकेतक, रिफ्लेक्टर तथा ब्लिंकर लगाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने आपातकालीन उपयोग वाले कट को सामान्य यातायात के लिए बंद रखने और सर्विस लेन पर भी आवश्यक सुरक्षा मानकों को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सूचना व्यवस्था को किया जाएगा मजबूत
डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि कई स्थानीय वाहन चालक पर्याप्त जानकारी के अभाव में एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि संपर्क मार्गों पर टोल प्लाजा की दूरी, देय टोल शुल्क, प्रतिबंधित वाहनों की जानकारी और वैकल्पिक मार्ग से जुड़े बड़े सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। उद्देश्य यह है कि चालक पहले से ही सही मार्ग का चयन कर सकें और अनजाने में एक्सप्रेसवे पर प्रवेश न करें।
निगरानी और पेट्रोलिंग पर रहेगा जोर
जब तक सभी सुरक्षा सुधार पूरे नहीं हो जाते, तब तक एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग की व्यवस्था करने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे गलत दिशा में आने वाले वाहनों की पहचान समय रहते की जा सकेगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। प्रवेश बिंदुओं पर बड़े सूचना-पट्ट और अतिरिक्त सुरक्षा अवरोध लगाने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
ई-बस और डबल डेकर सेवा फिलहाल नहीं
परिवहन निगम के सर्वे में यह भी सामने आया कि फिलहाल एक्सप्रेसवे पर एसी ई-बस और एसी डबल डेकर बसों का संचालन व्यावहारिक नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, लखनऊ के आलमबाग बस टर्मिनल से कानपुर के झकरकटी बस स्टेशन तक कुल दूरी और चार्जिंग सुविधाओं की कमी ई-बस संचालन में बाधा बन रही है। वहीं डबल डेकर बसों के लिए आगे के मार्ग पर बिजली के तार, पेड़ों की शाखाएं और कुछ स्थानों की संरचनात्मक सीमाएं संचालन में कठिनाई पैदा कर रही हैं। फिलहाल इस मार्ग पर सामान्य रोडवेज बस सेवाओं के संचालन की अनुमति दी गई है