BharatTiwari – एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग, जंतर-मंतर पर हुई सभा
BharatTiwari- भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर न्याय की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर उठी। शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘क्रांतिवीर भरत तिवारी संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित सभा में परिजनों, संत समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने निष्पक्ष जांच, आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में बिहार सहित कई राज्यों से लोग शामिल हुए।

परिवार ने न्याय में देरी पर जताई चिंता
सभा के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि घटना के एक महीने बाद भी परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी नहीं हुई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया। इसके तहत राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने तथा 17 अगस्त को वाराणसी में अगली न्याय सभा आयोजित करने की घोषणा की गई। कार्यक्रम समाप्त होने से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भीड़ को निर्धारित समय से पहले हटवा दिया।
न्यायिक आयोग के सामने दर्ज हुए बयान
उधर, मामले की न्यायिक जांच भी आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाले आयोग के समक्ष जगदीशपुर के उपजिलाधिकारी सहित चार पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए। इनमें विशेष कार्यबल (STF) के जवान अक्षय कुमार, सिपाही मुन्ना कुमार, अभिषेक कुमार और तत्कालीन एसडीपीओ के अंगरक्षक संजय कुमार शामिल रहे। आयोग ने सभी पक्षों से घटनाक्रम से संबंधित जानकारी ली।
पुलिस पक्ष की गवाही जारी
आयोग के समक्ष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की गवाही का क्रम लगातार जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक नौ पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इससे पहले तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश मालाकार सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपना पक्ष आयोग के सामने रखा था। जांच प्रक्रिया के तहत शेष पुलिसकर्मियों के बयान भी आगामी चरण में दर्ज किए जाने हैं।
पहले ही जारी किए गए थे समन
न्यायिक आयोग ने इस मामले में 17 जून की घटना से जुड़े अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को पहले ही समन जारी किया था। आयोग ने एसडीएम, तत्कालीन एसडीपीओ समेत कुल 15 अधिकारियों और कर्मियों को गवाही के लिए बुलाया है। आयोग का उद्देश्य घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच करना है।
पीड़ित पक्ष के बयान भी हो चुके दर्ज
जांच के दौरान आयोग पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज कर चुका है। भरत तिवारी की मां, पिता, भाई और अन्य परिजनों सहित कुल नौ लोगों ने आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों की गवाही पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।