HarrawalaStation – अमृत भारत योजना के तहत हर्रावाला स्टेशन का हुआ लोकार्पण
HarrawalaStation- उत्तराखंड के हर्रावाला रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया। अमृत भारत योजना के अंतर्गत विकसित किए गए इस स्टेशन पर अब यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यहां अधिक ट्रेनों के ठहराव की संभावना बनेगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही हरिद्वार-देहरादून रेलखंड पर परिचालन को और बेहतर बनाने की दिशा में भी काम जारी है।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुआ स्टेशन
लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नए स्वरूप में स्टेशन पर यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और सुविधाजनक व्यवस्थाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में रेलवे परियोजनाओं को गति देने के लिए इस वर्ष रिकॉर्ड 4,769 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है और विभिन्न परियोजनाओं पर 39 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कार्य चल रहा है।
दूसरे चरण में होगा प्लेटफॉर्म विस्तार
उत्तर रेलवे की मंडल रेल प्रबंधक (DRM) विनीता श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि पुनर्विकास के पहले चरण में स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण किया गया है और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। उन्होंने बताया कि अगले चरण में प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने के साथ एक नए प्लेटफॉर्म का निर्माण भी प्रस्तावित है, ताकि भविष्य में बढ़ने वाले यात्री भार को आसानी से संभाला जा सके।
ट्रेनों के ठहराव और रफ्तार पर भी जोर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में हर्रावाला स्टेशन पर पांच ट्रेनों का ठहराव होता है। पुनर्विकास के बाद यहां अतिरिक्त ट्रेनों के ठहराव की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही देहरादून और हरिद्वार के बीच रेल सेवाओं को अधिक तेज और सुगम बनाने के लिए ट्रैक और परिचालन व्यवस्था में सुधार का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे यात्रियों का यात्रा समय कम हो सके।
जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों की सराहना की
कार्यक्रम में हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रेलवे क्षेत्र में हो रहे बदलावों को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्वदेशी तकनीक पर आधारित हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय रेलवे आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में नागरिकों की सहभागिता को भी जरूरी बताया।
रेलवे को विकास का मजबूत माध्यम बताया
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि रेलवे केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को गति देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पुनर्विकसित स्टेशन को क्षेत्र के विकास के लिए उपयोगी बताते हुए नागरिकों से सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्वच्छता और संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।