Gangster – गाजीपुर में अंगद राय की 9.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अफजाल अंसारी को मिली अंतरिम राहत
Gangster– उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत गाजीपुर पुलिस ने माफिया मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े बताए जाने वाले शार्प शूटर अंगद राय की करीब 9.50 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क कर ली है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत जिलाधिकारी के आदेश पर की गई। दूसरी ओर, मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को एक अन्य मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई कुर्की
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा ने बताया कि अंगद राय उर्फ झूलन, भांवरकोल थाना क्षेत्र के शेरपुर खुर्द गांव का निवासी है और उस पर मुख्तार अंसारी के गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार उसने कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन से अपनी पत्नी सरिता राय के नाम गिरधरिया क्षेत्र में भूमि खरीदी थी। इस भूखंड पर निर्मित व्यावसायिक भवन सहित संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 9.50 करोड़ रुपये आंका गया है।
राजस्व टीम की मौजूदगी में पूरी हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी के आदेश के बाद कोतवाली पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई पूरी की। इस दौरान सार्वजनिक घोषणा कर लोगों को सूचित किया गया कि संबंधित संपत्ति का किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय या उपयोग बिना वैधानिक अनुमति के नहीं किया जाए। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई।
अंगद राय पर कई आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस का कहना है कि अंगद राय के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले भी गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है।
अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत
इधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामले में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई की तिथि 10 अगस्त निर्धारित की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने पारित किया।
शस्त्र लाइसेंस मामले की होगी अगली सुनवाई
यह मामला गाजीपुर में दर्ज उस एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें शस्त्र लाइसेंस की मूल फाइलें गायब कराने और कथित रूप से फर्जी पते के आधार पर लाइसेंस प्राप्त करने के आरोप लगाए गए हैं। इस प्रकरण में अफजाल अंसारी के अलावा मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ्शां अंसारी तथा अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने इस संबंध में 22 जुलाई को मामला दर्ज किया था। अब इस पूरे मामले पर हाईकोर्ट में 10 अगस्त को आगे की सुनवाई होगी।