Yemen Conflict – हूती हमलों में यमन के 30 सैनिकों की हुई मौत, बढ़ा तनाव…
Yemen Conflict – यमन के मध्य और पूर्वी हिस्सों में गुरुवार को हुए हमलों ने एक बार फिर क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों में कम से कम 30 सरकारी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक जवान घायल हुए हैं। हमले मारिब और हद्रामौत प्रांतों में स्थित सैन्य ठिकानों पर किए गए। प्रशासन का कहना है कि मृतकों की संख्या आगे बढ़ सकती है, क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना
यमन सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, हमले उन सैन्य शिविरों पर किए गए जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के सुरक्षा बल तैनात थे। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने राहत एवं चिकित्सा सेवाओं को भी तत्काल सक्रिय कर दिया है ताकि प्रभावित जवानों का जल्द इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
हूती संगठन ने ली हमलों की जिम्मेदारी
हमलों के कुछ समय बाद ईरान समर्थित हूती संगठन ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की। संगठन का दावा है कि उसने अल रुवेक, अल अब्र और अल थानियाह क्षेत्रों में सऊदी समर्थित सैन्य जमावड़ों को निशाना बनाया। हूती प्रवक्ताओं के अनुसार, इस कार्रवाई में सैन्य शिविरों, हथियार भंडारों और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
हालांकि, हूतियों की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, यमन सरकार ने हमलों को गंभीर सुरक्षा चुनौती बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सतर्क
यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मारिब और हद्रामौत के अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। घायलों की संख्या अधिक होने की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां हमले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और प्रभावित इलाकों में आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है।
हूती संगठन का कहना है कि उसने यह कार्रवाई उस सूचना के बाद की, जिसमें कथित तौर पर उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों के पास सऊदी समर्थित सैन्य गतिविधियां बढ़ने की बात सामने आई थी। हालांकि इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका ने जताई संवेदना
यमन में अमेरिकी मिशन ने हमले में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति शोक व्यक्त किया है। मिशन ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की हिंसक घटनाएं यमन में पहले से जारी अस्थिरता को और बढ़ाती हैं। साथ ही उसने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
लंबे समय से जारी है संघर्ष
यमन में गृहयुद्ध की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में अभियान शुरू किया। तब से यह संघर्ष लगातार जारी है और लाखों लोग इसके मानवीय तथा आर्थिक प्रभावों से प्रभावित हुए हैं।
हाल ही में हूती संगठन ने लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा भी की थी। संगठन ने इसे यमन पर लगाए गए कथित प्रतिबंधों की प्रतिक्रिया बताया, जबकि सऊदी अरब ने इन आरोपों को खारिज किया है। मौजूदा हमलों ने एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है और हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।