राष्ट्रीय

FCRA Bill – मॉनसून सत्र के आखिरी हफ्ते में सरकार को घेरने की तैयारी

FCRA Bill – संसद के मॉनसून सत्र का अंतिम सप्ताह राजनीतिक रूप से बेहद अहम रहने वाला है। विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने लोकसभा सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी करते हुए 10, 11 और 12 अगस्त को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर दूसरे विपक्षी दल भी अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी कर सकते हैं।

fcra bill parliament monsoon session

बिल पेश होने की संभावना से बढ़ी राजनीतिक हलचल

सरकार की ओर से FCRA संशोधन विधेयक को 10 अगस्त को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह विधेयक गृह मंत्रालय से संबंधित है, इसलिए विपक्ष की नजर गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी पर भी है। विपक्षी दलों का कहना है कि विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार की ओर से संबंधित मंत्री का सदन में रहना महत्वपूर्ण होगा।

शुक्रवार सुबह राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस नेतृत्व ने सहयोगी दलों से भी अपने सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा। विपक्षी दल पहले से ही संसद में सरकार को कई मुद्दों पर घेर रहे हैं और FCRA संशोधन को लेकर अंतिम सप्ताह में राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।

पुलिस कार्रवाई पर भी विपक्ष की मांग कायम

विपक्ष का एक प्रमुख मुद्दा 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई भी है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल लगातार मांग कर रहे हैं कि गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर सदन में बयान दें। इस मांग को लेकर मॉनसून सत्र के दौरान कई मौकों पर सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई है।

कांग्रेस के लोकसभा व्हिप मणिकम टैगोर ने कहा कि पार्टी अगले सप्ताह परिसीमन और FCRA विधेयक से जुड़े मुद्दों पर सरकार का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने अमित शाह की सदन में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के विरोध से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर सकती है।

सपा और टीएमसी ने भी बढ़ाई सक्रियता

विपक्षी गठबंधन के घटक दलों ने भी FCRA विधेयक को लेकर कांग्रेस के साथ खड़े होने के संकेत दिए हैं। समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्ष के साझा एजेंडे का समर्थन करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर सपा अपने सांसदों के लिए औपचारिक व्हिप जारी कर सकती है।

तृणमूल कांग्रेस की ओर से भी अपने सांसदों को सोमवार से सदन में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। विपक्षी दलों में कुछ पार्टियां औपचारिक व्हिप जारी करती हैं, जबकि कुछ अपने सांसदों को पार्टी स्तर पर उपस्थिति का निर्देश देती हैं। इससे संकेत मिलता है कि विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष अपनी संख्या और एकजुटता दोनों दिखाना चाहता है।

FCRA संशोधन के किन प्रावधानों पर सवाल?

FCRA संशोधन विधेयक को लेकर सबसे अधिक चर्चा उस प्रस्तावित प्रावधान की है, जिसे कुछ संगठन समाप्त हो चुके पंजीकरण वाली संस्थाओं की संपत्तियों से जोड़कर देख रहे हैं। विशेष रूप से ईसाई संगठनों ने इससे जुड़ी संभावित व्यवस्था पर चिंता जताई है। इन संगठनों का कहना है कि विदेशी योगदान के नियमों के तहत काम करने वाली संस्थाओं पर नए प्रावधानों का असर पड़ सकता है।

हालांकि, सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि विधेयक में कोई दंडात्मक पूर्वव्यापी प्रावधान नहीं रखा जाएगा। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने भी गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस विषय पर अपनी चिंताएं रखी थीं। उनके अनुसार, गृह मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रस्तावित विधेयक में पिछली तारीख से लागू होने वाला ऐसा प्रावधान नहीं होगा।

13 अगस्त को समाप्त होना है मॉनसून सत्र

संसद का मौजूदा मॉनसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है। ऐसे में विधेयक और विपक्ष की अन्य मांगों को लेकर अगले कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल सत्र की अवधि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।

राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी विपक्ष की मांगों और गृह मंत्री की सदन में उपस्थिति से जुड़े मुद्दे पर रिजिजू से चर्चा की थी। अब नजर इस बात पर है कि अंतिम सप्ताह में सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनती है या FCRA विधेयक को लेकर संसद में गतिरोध और तेज होता है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.