Monsoon – यूपी में बारिश का दौर जारी, कई इलाकों में कमजोर होगा मानसून
Monsoon – उत्तर प्रदेश में मानसून का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग दिखाई दे रहा है। दक्षिणी हिस्सों में बारिश का सिलसिला अभी बना हुआ है, जबकि पश्चिमी जिलों में वर्षा का दौर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में शनिवार से बारिश की गतिविधियां कम होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि मध्य प्रदेश की सीमा से लगे जिलों में वर्षा की संभावना फिलहाल बनी हुई है।

मेरठ में दिनभर रुक-रुककर होती रही बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में शुक्रवार को मौसम कई बार बदला और रुक-रुककर बारिश होती रही। गुरुवार रात शहर में 23.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह और दोपहर में भी बारिश हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक मेरठ में 18.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अगस्त के शुरुआती सात दिनों में मेरठ में कुल 123.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हो चुकी है। यह आंकड़ा पूरे महीने में होने वाली सामान्य बारिश का करीब आधा बताया गया है। शुक्रवार को मेरठ का अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बारिश के कारण शहर की हवा भी साफ रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो अच्छी श्रेणी में आता है।
शनिवार से कई जिलों में कमजोर पड़ सकता है मानसून
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से प्रदेश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर हो सकती हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। राजधानी लखनऊ में भी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि प्रदेश के कुछ जिलों में रविवार तक हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन इसकी सक्रियता में कमी आने की संभावना है। इसी वजह से व्यापक बारिश के बजाय अलग-अलग स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान है। शुक्रवार दोपहर हुई तेज बारिश ने कुछ समय के लिए लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी, लेकिन बारिश थमने के बाद वातावरण में फिर गर्मी महसूस होने लगी।
बारिश के बीच उमस बढ़ने की संभावना
मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मौसम का मिजाज बदल सकता है। तेज धूप निकलने और बीच-बीच में बारिश होने की स्थिति में वातावरण में नमी काफी बढ़ सकती है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में आर्द्रता का स्तर 90 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है, जिससे उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। ऐसे में बारिश के बावजूद गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
किसानों के लिए बारिश राहत, जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
पिछले दो दिनों की बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं धान की खेती करने वाले किसानों में भी उत्साह है। जिन किसानों ने धान की पौध की रोपाई शुरू कर दी है या तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए मानसून की बारिश उपयोगी मानी जा रही है। खेतों में नमी बढ़ने से धान की फसल के लिए परिस्थितियां बेहतर हुई हैं।
हालांकि बारिश ने कई स्थानों पर राहगीरों की परेशानी भी बढ़ा दी है। जर्जर सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई जगह जलभराव के कारण लोगों को रास्ता पार करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन खराब सड़क और जलनिकासी की समस्या वाले क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं।