Pakistan Fuel Crisis – पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन सेवाओं पर बढ़ा संकट
Pakistan Fuel Crisis के बीच पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने देश में विरोध प्रदर्शनों और परिवहन क्षेत्र की नाराजगी को बढ़ा दिया है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल की कीमत 335 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने के बाद विभिन्न शहरों में प्रदर्शन, रैलियां और सड़क जाम की घटनाएं हुई हैं। इसी बीच परिवहन संगठनों ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ईंधन की ऊंची कीमत, करों और टोल शुल्क के कारण परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे उनके लिए कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है।

ट्रांसपोर्टरों ने 12 अगस्त से हड़ताल का ऐलान किया
ऑल पाकिस्तान पब्लिक ट्रांसपोर्ट ओनर्स फेडरेशन और गुड्स ट्रांसपोर्टर्स ने घोषणा की है कि 12 अगस्त 2026 की सुबह से ट्रकों, बसों और अंतर-प्रांतीय परिवहन सेवाओं को रोकने की योजना है। संगठनों ने सरकार के बजट में पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए 70 से 80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक के पेट्रोलियम लेवी को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ईंधन पर बढ़ा बोझ और टोल प्लाजा शुल्क मिलकर परिवहन कारोबार की लागत को काफी ऊपर ले गए हैं।
परिवहन क्षेत्र की हड़ताल का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहने की आशंका है। माल ढुलाई रुकने पर खाद्य पदार्थों, औद्योगिक सामान और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि हड़ताल कितने समय तक चलेगी, इस पर अंतिम निर्णय सरकार और परिवहन संगठनों के बीच होने वाली बातचीत के बाद लिया जाना है।
चार लाख मालवाहक वाहनों पर असर का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार से शुरू हुई परिवहन हड़ताल रविवार को भी जारी रही और करीब चार लाख मालवाहक वाहनों के प्रभावित होने का दावा किया गया है। पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्टर्स अलायंस के अध्यक्ष निसार हुसैन जाफरी ने कहा कि परिवहन कारोबारी कई मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं। इनमें ईंधन की कीमतों में लगातार बदलाव के साथ सरकार की नई दैनिक ईंधन मूल्य व्यवस्था भी शामिल है।
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने संकेत दिया है कि सरकार के साथ बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में परिवहन सेवाओं की स्थिति बातचीत के नतीजे पर निर्भर करेगी।
पेट्रोलियम कीमतों का पुराना रिकॉर्ड भी चिंता बढ़ाता है
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में इससे पहले भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल में पेट्रोल 459 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीजल 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया था। डीजल की महंगाई पाकिस्तान के लिए विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि सड़क के जरिए होने वाली माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा इसी ईंधन पर निर्भर करता है।
ईंधन महंगा होने का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है और इसका दबाव आगे चलकर वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इसी वजह से पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर आम लोगों के साथ-साथ कारोबारी संगठनों में भी चिंता बनी हुई है।
जमात-ए-इस्लामी भी करेगी विरोध प्रदर्शन
ईंधन की बढ़ी कीमतों के खिलाफ राजनीतिक स्तर पर भी विरोध तेज होने के संकेत हैं। जमात-ए-इस्लामी ने 16 अगस्त को पाकिस्तान की चारों प्रांतीय राजधानियों में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इससे आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों का मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में बना रह सकता है। फिलहाल सरकार और परिवहन संगठनों के बीच प्रस्तावित बातचीत पर नजर रहेगी, क्योंकि इसी से यह तय हो सकता है कि हड़ताल आगे बढ़ती है या सेवाएं सामान्य होती हैं।