WTC Final – भारत के सामने फाइनल की राह में आई 8 जीत की चुनौती
WTC Final में जगह बनाने के इरादे से शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने उतरेगी। मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में भारत की स्थिति फिलहाल ऐसी है कि आगे की हर सीरीज बेहद अहम मानी जा रही है। पिछले तीन चक्रों में भारत दो बार फाइनल तक पहुंच चुका है, लेकिन दोनों मौकों पर उसे खिताब से दूर रहना पड़ा। पहली बार न्यूजीलैंड और दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया ने भारत का अभियान रोका था। पिछले चक्र में भारतीय टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर अपना पहला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप खिताब जीता।

भारत का मौजूदा चक्र उतार-चढ़ाव भरा रहा
2025-27 चक्र में भारत अब तक तीन टेस्ट सीरीज खेल चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर रही, जिसके बाद घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज को भारत ने 2-0 से हराया। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भारतीय टीम को 0-2 की हार झेलनी पड़ी। इन नतीजों के कारण अंक तालिका में भारत की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है, जितनी टीम प्रबंधन चाहता होगा।
आगे भारत को तीन और सीरीज खेलनी हैं। इनमें श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले विदेशी धरती पर होंगे, जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज भारत में खेली जाएगी। यानी अगले नौ टेस्ट भारतीय टीम की फाइनल की दौड़ में स्थिति तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
फाइनल के लिए भारत को कितनी जीत चाहिए
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक भारत के खाते में इस चक्र के नौ टेस्ट मैच बाकी हैं। श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ दो-दो टेस्ट तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैच खेले जाने हैं। रिपोर्ट में दिए गए गणित के अनुसार, फाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को इन नौ मुकाबलों में से कम से कम आठ मैच जीतने होंगे।
यह लक्ष्य आसान नहीं है, खासकर इसलिए क्योंकि भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड के दौरे पर भी टेस्ट खेलने हैं और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज भी बाकी है। फिर भी घरेलू परिस्थितियों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन और विदेशी दौरों पर अधिकतम अंक हासिल करना भारत की स्थिति को काफी मजबूत कर सकता है।
ऑस्ट्रेलिया की स्थिति फिलहाल बेहतर
मौजूदा समीकरणों में ऑस्ट्रेलिया की स्थिति भारत की तुलना में अधिक मजबूत नजर आती है। उसे अभी 14 टेस्ट खेलने हैं और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फाइनल में पहुंचने के लिए आठ जीत पर्याप्त हो सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया लगातार तीसरे विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने की कोशिश करेगा और उसके पास ऐसा करने के लिए पर्याप्त मुकाबले भी बाकी हैं।
दक्षिण अफ्रीका को अपने बचे 10 मैचों में से छह जीतने की जरूरत बताई गई है। न्यूजीलैंड के लिए 10 में से सात और बांग्लादेश के लिए आठ में से छह मुकाबले जीतना जरूरी होगा। दूसरी ओर पाकिस्तान को अपने बाकी सभी सात टेस्ट जीतने होंगे, तभी उसकी फाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनी रहेगी। श्रीलंका के सामने भी कठिन स्थिति है और उसे बचे आठ में से सात मैच जीतने होंगे।
भारत के लिए हर सीरीज बनेगी निर्णायक
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में सिर्फ जीत की संख्या ही नहीं, बल्कि अंक प्रतिशत भी अंतिम दौड़ में महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में भारत के लिए श्रीलंका के खिलाफ आगामी सीरीज से ही मजबूत शुरुआत करना जरूरी होगा। इसके बाद न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिलने वाले नतीजे फाइनल की तस्वीर काफी हद तक तय कर सकते हैं। मौजूदा समीकरणों को देखते हुए भारतीय टीम के सामने चुनौती बड़ी है, लेकिन उसके पास अभी नौ टेस्ट मैच हैं और इसलिए फाइनल की दौड़ पूरी तरह खुली हुई है।