मनोरंजन

Yami Gautam Haq Movie Review: शाजिया बानो की दास्तान ने बॉलीवुड के सबसे बड़े निर्माता को कर दिया निशब्द…

Yami Gautam Haq Movie Review: करण जौहर अक्सर अपनी भव्य फिल्मों और चकाचौंध के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल ही में उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरे बॉलीवुड का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। करण ने यामी गौतम स्टारर फिल्म ‘हक’ की दिल खोलकर सराहना की है, जो शाह बानो की ऐतिहासिक कहानी से प्रेरित है। करण ने स्वीकार किया कि शाजिया बानो के संघर्ष और उसकी अंतिम जीत ने उन्हें (emotional cinematic experience) के ऐसे भंवर में डाल दिया कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। यह महज एक फिल्म की तारीफ नहीं थी, बल्कि एक ऐसी कहानी को सलाम था जिसने समाज के गहरे घावों को पर्दे पर उकेरा है।

Yami Gautam Haq Movie Review
Yami Gautam Haq Movie Review

थिएटर में न देख पाने का गहरा पछतावा

करण ने रविवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक बेहद मार्मिक नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने फिल्म के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि फिल्म खत्म होने के बाद वह काफी देर तक सुन्न थे और फिर अकेले ही कमरे में तालियां बजाने लगे। करण को इस बात का मलाल है कि उन्होंने इस (powerful storytelling masterpiece) को बड़े पर्दे यानी सिनेमाघर में देखने का मौका गंवा दिया। उनके शब्दों ने यह साबित कर दिया कि कंटेंट आधारित सिनेमा आज भी बड़े-बड़े दिग्गजों के दिल पर गहरी दस्तक देने का दम रखता है।

यामी गौतम: अभिनय की एक नई परिभाषा

करण जौहर ने यामी गौतम की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्हें मौजूदा दौर की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्री करार दिया। यामी की अदाकारी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी खामोशी और ठहरी हुई नजरें उनके (exceptional acting craft) का प्रमाण हैं। फिल्म का आखिरी मोनोलॉग दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता है, जिसे करण ने अभिनय की एक ‘मास्टर क्लास’ बताया। करण का मानना है कि यामी ने जिस प्रतिबद्धता के साथ शाजिया के किरदार को जिया है, वह आने वाले कई सालों तक मिसाल के तौर पर याद रखा जाएगा।

इमरान हाशमी और नफरत से उपजा प्रेम

फिल्म ‘हक’ में इमरान हाशमी ने एक ऐसे पति का किरदार निभाया है जो संवेदनहीन है और हर चीज पर अपना अधिकार समझता है। करण ने इमरान के अभिनय की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। उन्होंने एक (complex character portrayal) को इतनी बारीकी से पर्दे पर उतारा है कि दर्शक उनके किरदार से नफरत करने लगते हैं, और यही एक कलाकार की सबसे बड़ी जीत है। इमरान की मंझी हुई अदाकारी ने फिल्म के तनाव को अंत तक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सुपर्ण वर्मा का सधा हुआ निर्देशन

निर्देशक सुपर्ण वर्मा ने इस संवेदनशील कहानी को बिना किसी गैर-जरूरी नाटकीयता के पेश किया है, जिसकी करण ने जमकर तारीफ की। करण के अनुसार, सुपर्ण ने कभी भी भावनाओं को फिल्म की वास्तविकता पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने (film direction brilliance) का परिचय देते हुए किरदारों की आंतरिक ताकत को खामोशी से उभरने का मौका दिया। यही कारण है कि फिल्म ‘हक’ एक सामान्य अदालती ड्रामे से कहीं ऊपर उठकर एक मानवीय दस्तावेज बन गई है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।

यामी गौतम का भावुक जवाब और आभार

करण जौहर जैसे कद्दावर फिल्म निर्माता से ऐसी सराहना मिलना किसी भी कलाकार के लिए गौरव की बात होती है। यामी गौतम ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि करण के शब्दों ने उन्हें पूरी तरह भावुक कर दिया है। उन्होंने अपने (heartfelt gratitude message) के जरिए करण को शुक्रिया कहा और अपनी मेहनत के सफल होने पर खुशी जाहिर की। यामी और करण के बीच का यह संवाद दर्शाता है कि इंडस्ट्री में प्रतिभा का सम्मान आज भी सर्वोच्च स्थान पर है।

धुरंधर से लेकर हक तक: आदित्य और यामी का जलवा

दिलचस्प बात यह है कि करण जौहर केवल यामी के ही नहीं, बल्कि उनके पति और निर्देशक आदित्य धर के भी प्रशंसक बन गए हैं। हाल ही में उन्होंने आदित्य की फिल्म ‘धुरंधर’ की भी जमकर तारीफ की थी और स्वीकार किया था कि उसे देखकर उन्हें अपने (filmmaking craft limitations) का अहसास हुआ। एक ही परिवार की दो अलग-अलग शैली की फिल्मों को करण जौहर जैसी शख्सियत का समर्थन मिलना यह बताता है कि सिनेमा की दुनिया में अब तकनीक से ज्यादा ‘कहानी’ और ‘कला’ का बोलबाला होने वाला है।

नेटफ्लिक्स पर ‘हक’ का डिजिटल परचम

थिएटर के बाद अब यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है, जहाँ इसे आलिया भट्ट समेत कई अन्य सितारों की भी सराहना मिल रही है। शाह बानो के केस से प्रेरित यह कहानी आज के (digital streaming success) के दौर में घर-घर तक पहुंच रही है। करण जौहर की इस लंबी पोस्ट ने निश्चित रूप से उन दर्शकों की संख्या बढ़ा दी है जो अभी भी इस फिल्म को देखने की योजना बना रहे थे। यह फिल्म अधिकारों की लड़ाई और एक महिला के आत्मसम्मान की वह गूंज है, जिसे करण के आंसुओं ने और भी बुलंद कर दिया है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.