बिहार

Bihar Politics – भाजपा विधायक ने जेल से हत्या की साजिश का लगाया आरोप

Bihar Politics – बिहार के शाहपुर से भाजपा विधायक राकेश रंजन उर्फ राकेश विश्वेश्वर ओझा ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है। विधायक का दावा है कि भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद कुछ लोगों ने उनकी हत्या की योजना तैयार की है। इस मामले में उन्होंने भोजपुर जिले के करनामेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में भागलपुर जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा के साथ जेल में बंद हरेश मिश्रा, कुबेर मिश्रा और कुख्यात लंबू शर्मा को नामजद किया गया है। विधायक के मुताबिक उन्हें डाक के जरिए एक पत्र मिला, जिसमें हत्या की कथित योजना और उसकी तैयारियों का उल्लेख था।

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डाक से मिले पत्र के बाद थाने पहुंचा मामला

विधायक राकेश रंजन के अनुसार, उन्हें 8 जुलाई को डाक के माध्यम से एक पत्र प्राप्त हुआ। पत्र में दावा किया गया था कि भागलपुर जेल से उनकी हत्या की साजिश को अंजाम देने की तैयारी चल रही है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि हमले के लिए विस्फोटक सामग्री जुटाई जा चुकी है और लंबू शर्मा से जुड़े शूटर के जरिए वारदात कराने की योजना बनाई जा रही है। पत्र में जेल अधीक्षक समेत चार लोगों पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद करनामेपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। पुलिस अब विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों, मिले पत्र और उसमें किए गए दावों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पत्र किसने भेजा, उसमें दी गई जानकारी कितनी विश्वसनीय है और कथित साजिश से जुड़े आरोपों के पीछे कोई ठोस आधार है या नहीं। मामले में नामजद लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी। फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपों की पुष्टि या साजिश के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

हरेश मिश्रा का नाम पुराने हत्या मामले से जुड़ा

इस मामले में नामजद हरेश मिश्रा भोजपुर के करनामेपुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव का रहने वाला बताया गया है। उसका नाम विधायक के पिता और भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे विश्वेश्वर ओझा की हत्या के मामले से भी जुड़ा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उस मामले में हरेश मिश्रा को अदालत से सजा सुनाई जा चुकी है और वह वर्तमान में भागलपुर जेल में बंद है। दूसरी ओर, हरेश मिश्रा के परिजनों ने विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। परिजनों का कहना है कि आरोप राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं।

विश्वेश्वर ओझा हत्याकांड का भी आया संदर्भ

विधायक की शिकायत में उनके पिता विश्वेश्वर ओझा की हत्या से जुड़े पुराने मामले का संदर्भ भी महत्वपूर्ण है। विश्वेश्वर ओझा भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे थे और उनकी हत्या के बाद भोजपुर की राजनीति में यह मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा। इस हत्याकांड में अदालत ने कई आरोपियों को दोषी ठहराया था। हरेश मिश्रा और उसके भाई ब्रजेश मिश्रा को भी इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अब विधायक की ओर से अपनी हत्या की कथित साजिश को लेकर दर्ज कराई गई प्राथमिकी के बाद पुलिस की जांच पर सबकी नजर है।

आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी

मामले में फिलहाल विधायक की शिकायत और उसमें लगाए गए आरोप ही सामने आए हैं। पुलिस जांच के दौरान पत्र की सत्यता, कथित विस्फोटक सामग्री, जेल में मौजूद आरोपियों की भूमिका और किसी संभावित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या की साजिश के आरोपों में कितनी सच्चाई है और नामजद लोगों की इसमें कोई भूमिका है या नहीं। इस बीच मामले ने विधायक की सुरक्षा और जेल प्रशासन से जुड़े सवालों को भी चर्चा में ला दिया है।

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