BiharPolitics – अपराध पर कार्रवाई को लेकर भाजपा और राजद आमने-सामने
BiharPolitics – बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवालों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मंगल पांडेय ने तेजस्वी यादव के आरोपों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में की जा रही है और इसमें किसी प्रकार का जातीय भेदभाव नहीं है।

मंगल पांडेय ने कहा कि पुलिस कार्रवाई को जाति से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान राष्ट्रीय जनता दल की पुरानी राजनीतिक सोच को दर्शाते हैं। उनके अनुसार बिहार अब उस दौर से काफी आगे निकल चुका है, जब अपराध और राजनीति को लेकर गंभीर सवाल उठते थे।
पुराने शासनकाल को लेकर भाजपा का हमला
भाजपा नेता ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बयान देने से पहले अपने दल के शासनकाल को याद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में हालात ऐसे थे, जब पीड़ितों को भी जाति के आधार पर देखा जाता था और आम लोगों को न्याय मिलने में मुश्किल होती थी।
मंगल पांडेय ने दावा किया कि वर्तमान सरकार में कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से हो रहा है। उन्होंने कहा कि हत्या, लूट, रंगदारी और अन्य अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते समय पुलिस किसी की जाति या समुदाय नहीं देखती। सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराध पर नियंत्रण करना है।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सरकार का जोर
पूर्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार अपराध को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत काम कर रही है और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पर अनावश्यक आरोप लगाने से सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। उनके अनुसार, कानून के तहत कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा नेता ने विपक्ष से अफवाह फैलाने से बचने और जिम्मेदारी के साथ बयान देने की अपील की।
डायल-112 सेवा का भी किया जिक्र
मंगल पांडेय ने सरकार की आपातकालीन सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब राज्य में पुलिस सहायता पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हुई है। उन्होंने बताया that ‘डायल-112’ सेवा के जरिए किसी भी नागरिक की सूचना पर पुलिस कम समय में मौके पर पहुंच रही है।
उनका कहना था कि मदद पहुंचाने के दौरान किसी व्यक्ति की जाति या धर्म नहीं पूछा जाता। सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को समान सुरक्षा देना है। भाजपा नेता ने दावा किया कि वर्तमान व्यवस्था में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी बयानबाजी
राज्य में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच कानून-व्यवस्था का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। जहां विपक्ष पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार और भाजपा इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में जरूरी कदम बता रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई जैसे मुद्दे बिहार की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी का दौर जारी है।