DeputyPM – नीतीश कुमार की भूमिका पर तेज हुई चर्चा, सामने आए विपक्ष और सहयोगी दलों के अलग-अलग बयान
DeputyPM – नीतीश कुमार की भूमिका पर तेज हुई चर्चा, विपक्ष और सहयोगी दलों के अलग-अलग बयानबिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं के बीच उन्हें केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से अलग-अलग बयान सामने आए हैं। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार को उप प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री पद के योग्य माना जाना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने दिया बयान
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव से जब नीतीश कुमार को उप प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें केवल उप प्रधानमंत्री के रूप में देखना उचित नहीं होगा। तेजस्वी के अनुसार, यदि किसी नेता के अनुभव और राजनीतिक योगदान की बात की जाए तो नीतीश कुमार इससे भी बड़ी जिम्मेदारी निभाने की क्षमता रखते हैं। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पहले भी उठ चुकी है मांग
नीतीश कुमार को केंद्र में महत्वपूर्ण भूमिका देने की चर्चा हाल के दिनों में कई नेताओं की ओर से की गई है। सबसे पहले RJD के नेता मुकेश रोशन ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि बिहार के किसी वरिष्ठ नेता को केंद्र में उच्च पद मिलता है तो यह राज्य के लिए सम्मान की बात होगी। इसके बाद जेडीयू के विधायक पंकज मिश्रा ने भी एक साक्षात्कार में कहा कि यदि केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होता है तो नीतीश कुमार को उप प्रधानमंत्री जैसे पद पर जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच बढ़ी चर्चा
केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद विभिन्न दलों के नेताओं के बयान आने के बाद नीतीश कुमार की संभावित भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। फिलहाल इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राज्यसभा सदस्य हैं नीतीश कुमार
नीतीश कुमार इस समय राज्यसभा के सदस्य हैं और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका बनाए रखी है। पार्टी के संगठनात्मक फैसलों और रणनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। ऐसे में केंद्र की राजनीति में उनकी संभावित जिम्मेदारी को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल इस पूरे मुद्दे पर विभिन्न नेताओं के व्यक्तिगत बयान सामने आए हैं। केंद्र सरकार या एनडीए की ओर से अब तक किसी नई जिम्मेदारी या मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। ऐसे में भविष्य में होने वाले किसी भी निर्णय की स्पष्ट तस्वीर केवल औपचारिक घोषणा के बाद ही सामने आएगी। तब तक इस विषय पर चल रही चर्चाओं को राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है।