DisproportionateAssets – हाजीपुर नगर परिषद के लेखापाल पर आय से अधिक संपत्ति का मामला
DisproportionateAssets – बिहार में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच के बीच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने हाजीपुर नगर परिषद के एक लेखापाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी के अनुसार प्रारंभिक जांच में सरकारी कर्मचारी की आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर मामला दर्ज कर कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

जांच अधिकारियों के मुताबिक हाजीपुर नगर परिषद में कार्यरत लेखापाल मनीष कुमार के आवास और अन्य संबंधित स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संपत्ति और निवेश के स्रोतों की विस्तृत जांच की जा रही है।
आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर मिलने का दावा
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार मनीष कुमार वर्ष 2011 से सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। जांच में सामने आया है कि नौकरी के दौरान उन्हें वेतन के रूप में सीमित आय प्राप्त हुई, जबकि उनके नाम और परिवार से जुड़े कई निवेश और संपत्तियों की जानकारी मिली है।
प्राथमिक जांच में एजेंसी ने दावा किया है कि कर्मचारी के पास ज्ञात आय के मुकाबले कहीं अधिक मूल्य की चल और अचल संपत्ति मौजूद होने के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
कई भूखंडों से जुड़े दस्तावेज बरामद
तलाशी अभियान के दौरान जांच टीम को विभिन्न भूमि खरीद से जुड़े दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। एजेंसी के अनुसार कुछ संपत्तियां परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज हैं, जबकि कुछ मामलों में अन्य व्यक्तियों के साथ संयुक्त स्वामित्व से संबंधित रिकॉर्ड भी सामने आए हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों की वैधता और निवेश के स्रोतों की अलग-अलग जांच की जाएगी। इसके लिए राजस्व और बैंकिंग रिकॉर्ड का भी मिलान किया जा रहा है।
बैंक खातों और निवेश पर भी नजर
EOU की कार्रवाई के दौरान कई बैंक खातों की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी ने कुछ खातों में जमा राशि को अस्थायी रूप से फ्रीज कराया है ताकि वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा सके।
इसके अलावा बीमा योजनाओं और अन्य निवेश साधनों से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर संचालित खातों और निवेश योजनाओं की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन निवेशों के लिए धन का स्रोत क्या था।
वाहन और अन्य संपत्तियां भी जांच के दायरे में
तलाशी के दौरान एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन, एक कार, मोटरसाइकिल तथा अन्य मूल्यवान वस्तुओं से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। जांच एजेंसी ने इन सभी संपत्तियों का विवरण एकत्र कर लिया है और उनके खरीद स्रोत की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों से संबंधित सभी अभिलेखों का तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
स्पष्टीकरण के लिए पटना तलब
आर्थिक अपराध इकाई ने लेखापाल मनीष कुमार को पटना स्थित कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसी का कहना है कि संबंधित व्यक्ति को दस्तावेजों और निवेश से जुड़े तथ्यों पर स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया जाएगा।
साथ ही मामले की जानकारी नगर विकास एवं आवास विभाग को भी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।