Police Action – अररिया में थानेदार निलंबित, दो अधिकारियों को किया गया लाइन हाजिर…
Police Action – बिहार के अररिया जिले में पुलिस विभाग ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है। पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद के निर्देश पर जोगबनी थाने के प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर महादेव कामत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर स्मैक समेत अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार में कथित रूप से सक्रिय लोगों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने, उन्हें संरक्षण देने और वरिष्ठ अधिकारियों को गलत जानकारी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार की अनुशंसा के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

जोगबनी थानेदार पर लगे कई गंभीर आरोप
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जोगबनी क्षेत्र में स्मैक, गांजा, कोडीन और दूसरे मादक पदार्थों की गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इसके बावजूद तस्करी से जुड़े संभावित ठिकानों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर तत्कालीन थानेदार महादेव कामत से स्पष्टीकरण मांगा गया था। पुलिस विभाग के मुताबिक, उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखा गया और निलंबन की कार्रवाई की गई।
महादेव कामत पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने वरीय अधिकारियों को सही जानकारी नहीं दी और थाने के मालखाना का प्रभार लेने में भी लापरवाही बरती। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन आरोपों के अलावा एक मामले की केस डायरी में गिरफ्तार आरोपी घनश्याम यादव के स्वीकारोक्ति बयान का विस्तृत उल्लेख नहीं करने का भी मामला सामने आया। पुलिस का कहना है कि इस संबंध में पूर्व थानेदार सह इंस्पेक्टर राजीव कुमार आजाद को बचाने की नीयत से ऐसा किए जाने का आरोप है। इन सभी बिंदुओं की विभागीय जांच में समीक्षा की जाएगी।
स्पष्टीकरण के बाद हुई निलंबन की कार्रवाई
एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जोगबनी इलाके में मादक पदार्थों के कारोबार को लेकर मिल रही शिकायतों और पुलिस की कार्रवाई के बीच अपेक्षित परिणाम नहीं दिखने पर थानेदार से जवाब मांगा गया था। जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और पुलिस विभाग की छवि प्रभावित करने जैसे आरोपों के आधार पर निलंबन की अनुशंसा की गई।
आईजी के आदेश के बाद महादेव कामत को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस विभाग की ओर से उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू की गई है। जांच पूरी होने के बाद आरोपों से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
तकनीकी दक्षता की कमी पर दो थानेदार हटाए गए
अररिया पुलिस प्रशासन ने मदनपुर और बरदाहा थाने में तैनात अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। बरदाहा के थानेदार पुलिस अवर निरीक्षक मिथिलेश कुमार सिंह और मदनपुर के थानेदार पुलिस अवर निरीक्षक मो. शमसुद्दीन अंसारी को थानेदारी की जिम्मेदारी से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
एसपी की ओर से आईजी को भेजे गए प्रस्ताव में दोनों अधिकारियों की तकनीकी दक्षता पर सवाल उठाए गए थे। पुलिस के अनुसार, दोनों अधिकारी क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स यानी सीसीटीएनएस तथा आधुनिक तकनीकी प्रक्रियाओं के संचालन में अपेक्षित दक्षता नहीं रखते थे। विभाग का मानना है कि इसका असर अपराध नियंत्रण और मामलों की जांच की प्रक्रिया पर पड़ रहा था। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दोनों को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया गया।
तकनीकी रूप से सक्षम अधिकारियों को मिलेगी जिम्मेदारी
आईजी विवेकानंद ने पुलिस अधिकारियों को थानेदारी की जिम्मेदारी सौंपने को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार, थाना प्रभारी के पद पर ऐसे अधिकारियों की तैनाती प्राथमिकता से की जानी चाहिए जो आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में सक्षम होने के साथ अपराध नियंत्रण के प्रति गंभीर और संवेदनशील हों।
अररिया जिले में हाल के दिनों में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई विभागीय अनुशासन से जुड़ी कई घटनाओं के बीच हुई है। इससे पहले कुआड़ी थानेदार राजू कुमार को भी अनुशासनहीनता और सेवा नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोप में निलंबित किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थानों की कार्यप्रणाली, तकनीकी क्षमता और अपराध नियंत्रण को लेकर आगे भी समीक्षा जारी रहेगी।