Railway – मुजफ्फरपुर जंक्शन से तेज हुई कई ट्रेनों के विस्तार की तैयारी
Railway – अमृत भारत योजना के तहत मुजफ्फरपुर जंक्शन के आधुनिकीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्टेशन पर नए प्लेटफॉर्म, बेहतर यात्री सुविधाएं और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में रेलवे ने कई बड़े कदम उठाए हैं। इसी बीच पूर्व मध्य रेलवे ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में मुजफ्फरपुर से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए कुछ प्रमुख ट्रेनों को पटना और अन्य स्टेशनों से बढ़ाकर मुजफ्फरपुर तक चलाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

कई प्रमुख ट्रेनों के विस्तार पर मंथन
रेलवे सूत्रों के अनुसार नई दिल्ली, मुंबई और गोवा रूट की महत्वपूर्ण ट्रेनों को मुजफ्फरपुर तक विस्तारित करने को लेकर व्यवहारिकता रिपोर्ट मांगी गई है। जिन ट्रेनों पर विचार चल रहा है उनमें बिहार संपूर्ण क्रांति सुपरफास्ट, पाटलिपुत्र-एलटीटी सुपरफास्ट, पटना-वॉस्को द गामा सुपरफास्ट और सुपौल-पुणे एक्सप्रेस शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर इन ट्रेनों के संचालन को लेकर तकनीकी और परिचालन संबंधी समीक्षा शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे रेलवे जोन को भेजा जाएगा।
उत्तर बिहार के यात्रियों को मिलेगा फायदा
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो उत्तर बिहार के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ होगा। फिलहाल लंबी दूरी की अधिकतर ट्रेनों के लिए यात्रियों को पटना जाना पड़ता है। ट्रेनों के मुजफ्फरपुर तक विस्तार से पटना जंक्शन पर दबाव कम होगा और यात्रियों का समय भी बचेगा। खासकर मुंबई और गोवा जाने वाले यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है। अभी मुजफ्फरपुर से मुंबई के लिए सीमित ट्रेनें उपलब्ध हैं, जबकि गोवा के लिए सीधी रेल सेवा नहीं है।
प्लेटफॉर्म और वाशिंग पिट का होगा विस्तार
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अमृत भारत योजना के तहत चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाने की योजना है। इसके साथ ही वाशिंग पिट की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि ट्रेनों की संख्या बढ़ती है तो मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को भी उसी हिसाब से तैयार करना होगा। अभी स्टेशन पर दो वाशिंग पिट मौजूद हैं, लेकिन उनमें से एक की लंबाई सीमित है। भविष्य में 24 कोच वाली ट्रेनों के रखरखाव के लिए दोनों पिट को पूर्ण क्षमता वाला बनाना जरूरी होगा।
ट्रेनों के रखरखाव पर विशेष ध्यान
रेलवे के अनुसार एक लंबी दूरी की ट्रेन के प्राइमरी मेंटेनेंस में लगभग सात घंटे का समय लगता है। ऐसे में नई ट्रेनों के संचालन से पहले तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करना प्राथमिकता होगी। स्टेशन पर सफाई, पानी, कोच निरीक्षण और अन्य परिचालन सुविधाओं को भी उन्नत किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि मुजफ्फरपुर को उत्तर बिहार के प्रमुख रेल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
रेलवे ने शुरू कराया फायर सेफ्टी ऑडिट
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने सभी प्रमुख स्टेशनों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्देश दिया है। हाल ही में हुए निरीक्षण के दौरान कई जगह अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में खामियां सामने आई थीं। इसके बाद रेलवे ने संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है। टीम में सेफ्टी, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
हाल की घटनाओं के बाद बढ़ी सतर्कता
अप्रैल महीने में मुजफ्फरपुर जंक्शन के पीआरएस और टीवी सर्वर रूम में आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बाद रेलवे प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर अधिक सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन की तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।