SCReservation – मांझी ने एससी-एसटी के लिए अलग निर्वाचक मंडल की उठाई मांग
SCReservation– केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पटना में पार्टी की राज्य परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एससी और एसटी समुदाय के लिए अलग निर्वाचक मंडल की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि इससे इन वर्गों के प्रतिनिधियों को अपने समुदाय की वास्तविक समस्याओं को अधिक प्रभावी ढंग से उठाने का अवसर मिलेगा।

पूना समझौते का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मांझी ने वर्ष 1932 के पूना समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उस समय डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रस्ताव के अनुरूप अलग निर्वाचक मंडल लागू हुआ होता तो आज अनुसूचित जातियों की सामाजिक और शैक्षिक स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में आरक्षित सीटों पर सभी मतदाताओं के मतदान करने से निर्वाचित प्रतिनिधियों पर अन्य प्रभावशाली वर्गों का भी असर पड़ता है।
सामाजिक स्थिति पर जताई चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी अनुसूचित जातियों के बीच शिक्षा और सामाजिक विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने दावा किया कि समाज के कमजोर वर्गों तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच रहा है और कई बार प्रभावशाली वर्ग अधिक लाभ प्राप्त कर लेते हैं। उनके अनुसार राजनीतिक प्रतिनिधित्व की वर्तमान प्रणाली पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है।
आरक्षण को लेकर दिया बयान
मांझी ने अपने संबोधन के दौरान आरक्षण के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। बिना किसी नेता का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्वयं को आरक्षण का सबसे बड़ा संरक्षक बताने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में आरक्षण व्यवस्था से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होगी। उन्होंने इस विषय पर राजनीतिक दावों से अधिक संवैधानिक व्यवस्था पर भरोसा जताने की बात कही।
पार्टी नेताओं को मुखर रहने की सलाह
बैठक के दौरान मांझी ने अपनी पार्टी के नेताओं से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय और मुखर रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक राजनीति में जनता के बीच अपनी बात प्रभावी ढंग से रखना आवश्यक है। इसी क्रम में उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री और अपने पुत्र संतोष कुमार सुमन का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को संगठन और सरकार के कार्यों को जनता तक अधिक मजबूती से पहुंचाना चाहिए।
सीट बंटवारे और गठबंधन पर भी बोले
मांझी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर हुए विधानसभा सीट बंटवारे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जनता की सेवा के उद्देश्य से काम कर रही है और भविष्य में संगठन को और मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की विभिन्न पहल को पार्टी का पूरा समर्थन मिलता रहेगा।
बांकीपुर उपचुनाव और विकास कार्यों पर भरोसा
केंद्रीय मंत्री ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन बेहतर प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और जनता इन प्रयासों का मूल्यांकन करेगी। अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर निर्माण से पर्यटन और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है, जिसका व्यापक आर्थिक प्रभाव देखने को मिला है।