WeatherAlert – बिहार में जुलाई में सामान्य से कम बारिश के आसार, कई जिलों के लिए अलर्ट
WeatherAlert – बिहार में मानसून की सक्रियता बनी हुई है, लेकिन पूरे राज्य में बारिश का वितरण अभी संतुलित नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार जुलाई के दौरान राज्य में औसत से कम वर्षा दर्ज होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रह सकता है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में बन रही नई मौसमी प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में कई जिलों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं।

बंगाल की खाड़ी की प्रणाली से बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है, जिसका असर बिहार के मौसम पर भी पड़ सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वी हवाएं मजबूत होंगी और कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि यह प्रणाली अपेक्षित रूप से सक्रिय रहती है तो जून की तुलना में जुलाई में वर्षा के आंकड़ों में सुधार देखने को मिल सकता है। साथ ही गर्मी और लू जैसी परिस्थितियों में भी कमी आने की उम्मीद है।
जून में बारिश रही सामान्य से कम
आंकड़ों के अनुसार जून महीने में बिहार में सामान्य से करीब 46 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। राजधानी पटना में भी पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार जून के दौरान काफी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई। बुधवार को पटना के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई हिस्सों में केवल बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने कटिहार, पूर्णिया, सीतामढ़ी, मधुबनी और पश्चिम चंपारण में भारी बारिश की संभावना जताई है। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।
भागलपुर में उमस ने बढ़ाई परेशानी
भागलपुर जिले में दिनभर बादलों की आवाजाही के बावजूद लोगों को उमस से राहत नहीं मिली। कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई, लेकिन धूप निकलने के बाद नमी बढ़ने से वातावरण अधिक असहज हो गया। मौसम विभाग ने भागलपुर, बांका, रोहतास और कैमूर जिलों में अगले कुछ दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। स्थानीय प्रशासन को भी मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पूर्णिया में बारिश के बाद जलभराव
पूर्णिया में हाल की बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मोहल्लों की सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से दैनिक आवागमन प्रभावित हुआ। विशेष रूप से स्कूली बच्चों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार जिले में मानसून के दौरान अब तक लगभग 93 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है और आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
किसानों को मिली राहत
हाल की वर्षा से धान की खेती करने वाले किसानों को राहत मिली है। पर्याप्त नमी मिलने के बाद कई क्षेत्रों में रोपाई का कार्य तेज हो गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई के दौरान अनुमानित बारिश होती है तो खरीफ फसलों को इसका लाभ मिल सकता है। वहीं नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमानों और चेतावनियों पर नजर रखें तथा भारी बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी बरतें।