AutoMarket – फरवरी 2026 में थ्री-व्हीलर सेगमेंट में बजाज सबसे आगे
AutoMarket – देश के थ्री-व्हीलर कमर्शियल सेगमेंट में फरवरी 2026 के आंकड़े कई अहम बदलावों की ओर इशारा करते हैं। इस महीने बिक्री और मार्केट शेयर के लिहाज से बजाज ऑटो ने सबसे मजबूत पकड़ बनाए रखी। कंपनी ने न केवल बिक्री में बढ़त दर्ज की बल्कि कुल बाजार में अपनी हिस्सेदारी भी प्रभावशाली तरीके से कायम रखी। खास बात यह रही कि पूरे सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ती दिखाई दी, जो इस उद्योग के बदलते रुझान को स्पष्ट करती है।

बजाज ऑटो ने बनाए रखी मजबूत बढ़त
फरवरी 2026 में बजाज ऑटो ने कुल 44,556 यूनिट की बिक्री की, जो पिछले साल इसी महीने के 34,659 यूनिट के मुकाबले काफी अधिक है। इस तरह कंपनी ने करीब 9,900 यूनिट की अतिरिक्त बिक्री दर्ज की और सालाना आधार पर लगभग 28.5 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। बाजार हिस्सेदारी की बात करें तो बजाज अकेले करीब 38 प्रतिशत हिस्से पर काबिज रही। यह प्रदर्शन बताता है कि कंपनी का नेटवर्क, प्रोडक्ट रेंज और ब्रांड भरोसा अभी भी इस सेगमेंट में मजबूत बना हुआ है।
पियाजियो और महिंद्रा में कड़ी प्रतिस्पर्धा
दूसरे और तीसरे स्थान के लिए पियाजियो और महिंद्रा के बीच करीबी मुकाबला देखने को मिला। पियाजियो ने फरवरी 2026 में 8,812 यूनिट बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 32 प्रतिशत अधिक है। वहीं महिंद्रा ने 8,637 यूनिट की बिक्री के साथ करीब 32.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। दोनों कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी क्रमशः लगभग 7.5 प्रतिशत और 7.3 प्रतिशत रही। इन आंकड़ों से साफ है कि यह दोनों कंपनियां मिड-सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हैं।
टीवीएस और अतुल ऑटो की तेज रफ्तार
टीवीएस मोटर ने इस महीने शानदार प्रदर्शन किया और 5,201 यूनिट की बिक्री के साथ सालाना आधार पर 114 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की। यह इस सूची में सबसे तेज बढ़त में से एक है। वहीं अतुल ऑटो ने 3,140 यूनिट बेचकर करीब 35 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की। इन दोनों कंपनियों का प्रदर्शन यह दिखाता है कि छोटे लेकिन तेजी से बढ़ते ब्रांड भी इस सेगमेंट में अपनी जगह बना रहे हैं।
कुछ इलेक्ट्रिक कंपनियों की बिक्री में गिरावट
जहां एक ओर इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल हिस्सेदारी बढ़ रही है, वहीं कुछ कंपनियों के लिए यह महीना चुनौतीपूर्ण रहा। वाईसी इलेक्ट्रिक की बिक्री घटकर 1,952 यूनिट रह गई, जो पिछले साल से करीब 42 प्रतिशत कम है। इसी तरह दिल्ली इलेक्ट्रिक और सेरा इलेक्ट्रिक ने भी क्रमशः लगभग 7 प्रतिशत और 24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। यह संकेत देता है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बाजार में नए विकल्पों का असर कुछ कंपनियों पर साफ दिखाई दे रहा है।
नई कंपनियों का उभरता प्रदर्शन
जेनियक इनोवेशन और हुगली मोटर्स जैसे नए या अपेक्षाकृत छोटे खिलाड़ी तेजी से आगे बढ़ते दिखे। जेनियक ने 1,420 यूनिट की बिक्री के साथ 111 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की, जबकि हुगली मोटर्स ने 283 प्रतिशत की जबरदस्त ग्रोथ हासिल करते हुए 1,265 यूनिट बेचीं। यह रुझान बताता है कि बाजार में नए खिलाड़ियों के लिए भी अवसर मौजूद हैं, बशर्ते वे सही रणनीति अपनाएं।
इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता दबदबा
फरवरी 2026 में थ्री-व्हीलर सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 56 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो एक बड़ा बदलाव है। इसके मुकाबले CNG और LPG वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 28 प्रतिशत रही, जबकि डीजल वाहनों का हिस्सा घटकर करीब 14 प्रतिशत रह गया। यह बदलाव न केवल पर्यावरणीय जागरूकता को दर्शाता है बल्कि ऑपरेटिंग लागत कम होने जैसे आर्थिक कारणों से भी जुड़ा है।
कुल बाजार में मजबूती के संकेत
अगर कुल बिक्री की बात करें तो फरवरी 2026 में पूरे सेगमेंट में 1,17,130 यूनिट की बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि बताती है कि कमर्शियल थ्री-व्हीलर सेक्टर में मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में इसमें और विस्तार की संभावना बनी हुई है।