FuelPrice – पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, कई शहरों में कीमतें ऊंचे स्तर पर…
FuelPrice – देशभर में शनिवार को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। तेल विपणन कंपनियों ने लगातार कई दिनों से ईंधन दरों को स्थिर रखा है। जून महीने की शुरुआत से अब तक पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई नया संशोधन नहीं हुआ है, हालांकि पिछले महीने हुई बढ़ोतरी का असर अभी भी उपभोक्ताओं पर दिखाई दे रहा है।

मई में बढ़े थे ईंधन के दाम
पिछले महीने तेल कंपनियों ने कई चरणों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन किया था। मई के दौरान कुल चार बार दरों में बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद दोनों ईंधनों की कीमतों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा दर्ज किया गया। इसी कारण देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुकी है।
वर्तमान में राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई में इसकी कीमत 111.21 रुपये और कोलकाता में 113.51 रुपये प्रति लीटर है। दक्षिण भारत के कुछ शहरों में दरें और अधिक हैं। हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये और तिरुअनंतपुरम में 115.49 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।
कई राज्यों में 110 रुपये से ऊपर पेट्रोल
देश के अलग-अलग हिस्सों में करों और स्थानीय शुल्कों के कारण ईंधन कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। जयपुर, बेंगलुरु, कोलकाता और पटना जैसे शहरों में भी पेट्रोल की कीमतें 110 रुपये प्रति लीटर के आसपास या उससे अधिक बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और स्थानीय कर संरचना का सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ता है। इसी वजह से अलग-अलग राज्यों में उपभोक्ताओं को अलग दरों पर ईंधन खरीदना पड़ता है।
डीजल के दाम भी स्थिर
डीजल की कीमतों में भी शनिवार को कोई बदलाव नहीं हुआ। दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 97.83 रुपये है। हैदराबाद में डीजल 103.82 रुपये और तिरुअनंतपुरम में 104.40 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है।
भुवनेश्वर और पटना जैसे शहरों में भी डीजल 100 रुपये प्रति लीटर के करीब या उससे ऊपर बिक रहा है। वहीं चंडीगढ़ में डीजल की कीमत अपेक्षाकृत कम होकर 89.47 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
25 मई को हुआ था आखिरी संशोधन
तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में अंतिम बार 25 मई को बदलाव किया था। उस समय पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
ऊर्जा बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आती है तो घरेलू बाजार में भी राहत की संभावना बन सकती है।
कच्चे तेल के बाजार से राहत के संकेत
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में कुछ नरमी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बनी हुई है। शुक्रवार को इसमें गिरावट दर्ज की गई और यह 95.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
हालांकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। समुद्री व्यापार मार्गों में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल बाजार पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर काफी हद तक निर्भर करेगी।