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IRFCOFS – खुदरा निवेशकों के लिए खुला IRFC का OFS, सरकार बढ़ाएगी शेयर बिक्री

IRFCOFS – भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) के ऑफर फॉर सेल (OFS) में अब खुदरा निवेशकों को भी भाग लेने का अवसर मिल गया है। गुरुवार से शुरू हुई इस प्रक्रिया से पहले गैर-खुदरा निवेशकों की ओर से मजबूत मांग देखने को मिली, जिसके बाद सरकार ने ग्रीन शू विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि निर्धारित हिस्सेदारी के अलावा अतिरिक्त शेयर भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

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गैर-खुदरा निवेशकों से मिला मजबूत प्रतिसाद

बुधवार को गैर-खुदरा श्रेणी के लिए खुले OFS को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरक्षित शेयरों की तुलना में करीब 1.86 गुना अधिक बोलियां प्राप्त हुईं। इस मजबूत मांग को देखते हुए सरकार ने अतिरिक्त 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी सक्रिय कर दिया। इससे कुल बिक्री का आकार पहले से बड़ा हो जाएगा।

शेयर खरीदने की प्रक्रिया क्या है

जो खुदरा निवेशक इस OFS में हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध “Corporate Action” या “OFS” सेक्शन में जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन से पहले फ्लोर प्राइस, शेयरों की संख्या और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। निवेशकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी बोली निर्धारित न्यूनतम मूल्य से कम न हो, क्योंकि ऐसी स्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, ट्रेडिंग खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध होना भी आवश्यक है, ताकि सफल बोली की स्थिति में भुगतान प्रक्रिया पूरी हो सके।

सरकार कितनी हिस्सेदारी बेच रही है

इस OFS के तहत सरकार IRFC में अपनी कुल 2 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रही है। शुरुआती चरण में करीब 13.06 करोड़ शेयर, यानी 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के लिए रखी गई है। ग्रीन शू विकल्प के जरिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जाएगी। इस पेशकश के लिए फ्लोर प्राइस 91 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।

मार्च तिमाही के अंत तक कंपनी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 84.65 प्रतिशत थी। इसके अलावा खुदरा निवेशकों के पास लगभग 9.68 प्रतिशत और अन्य निवेशकों के पास करीब 1.02 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई थी।

शेयर के प्रदर्शन पर भी बाजार की नजर

OFS शुरू होने से पहले IRFC के शेयर में दबाव देखने को मिला। बुधवार के कारोबार में यह करीब 6.8 प्रतिशत गिरकर 91.93 रुपये पर बंद हुआ, जो तय फ्लोर प्राइस के लगभग बराबर है। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक शेयर में लगभग 26.9 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। वहीं, वर्ष 2024 में बने 229 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर की तुलना में यह करीब 60 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।

विनिवेश अभियान में लगातार सक्रिय सरकार

हाल के महीनों में सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कई कंपनियों में OFS के जरिए हिस्सेदारी बेच चुकी है। इनमें Coal India, Central Bank of India, NLC India, NHPC और General Insurance Corporation of India जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन सभी पेशकशों में निवेशकों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार आने वाले समय में Cochin Shipyard में भी OFS ला सकती है। वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार ने 80,000 करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य का संकेत दिया है, जिसके तहत सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है।

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