StockMarketCrash – वैश्विक संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी में दर्ज हुई भारी गिरावट
StockMarketCrash – भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को बेहद कमजोर शुरुआत की और दिन चढ़ने के साथ गिरावट और गहराती चली गई। सुबह के शुरुआती कारोबार से ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव साफ नजर आया, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1100 अंकों से अधिक फिसलकर करीब 76,300 के स्तर तक आ गया, जबकि निफ्टी भी 350 अंकों तक टूटकर 23,800 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार की इस तेज गिरावट ने निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी ला दी।

शुरुआती कारोबार से ही दबाव
सुबह बाजार खुलते ही कमजोरी के संकेत मिलने लगे थे। सेंसेक्स करीब 480 अंकों की गिरावट के साथ खुला, जबकि निफ्टी भी लगभग 180 अंक नीचे शुरू हुआ। शुरुआती कुछ मिनटों में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया, जिससे प्रमुख सूचकांक तेजी से नीचे फिसलने लगे। बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिली, जहां ज्यादातर शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
निवेशकों को भारी नुकसान
गिरावट का असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर भी साफ दिखा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप पिछले सत्र के मुकाबले करीब 9 लाख करोड़ रुपये घट गया। कुल मार्केट कैप लगभग 469 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 460 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया। यह गिरावट दर्शाती है कि बाजार में बिकवाली कितनी व्यापक रही।
चुनिंदा शेयरों में ही मजबूती
जहां एक तरफ अधिकांश शेयरों में गिरावट रही, वहीं कुछ कंपनियों के शेयरों ने मजबूती दिखाई। सेंसेक्स पर बजाज फाइनेंस और इन्फोसिस जैसे शेयर हरे निशान में बने रहे। बजाज फाइनेंस के शेयर में कारोबार के दौरान 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जो इस गिरते बाजार में एक अपवाद रहा।
सेक्टोरल दबाव और प्रमुख गिरावट
बाजार में गिरावट केवल सूचकांकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अलग-अलग सेक्टर्स पर भी इसका असर पड़ा। एविएशन, एफएमसीजी और अन्य सेक्टर्स के कई बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे दिग्गज शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार का मूड और कमजोर हुआ।
वैश्विक संकेतों से बढ़ी चिंता
बाजार की इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण भी अहम रहे। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख भी निवेशकों को सतर्क बना रहा है, जिससे जोखिम लेने की प्रवृत्ति कम हुई है।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
एशियाई बाजारों का रुख भी आज कमजोर रहा, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा। जापान के निक्केई और टॉपिक्स जैसे प्रमुख सूचकांक गिरावट में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया के बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। हांगकांग के संकेत भी कमजोर रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा और डगमगा गया।
वॉल स्ट्रीट से मिले मिश्रित संकेत
अमेरिकी बाजारों में भी स्पष्ट दिशा नहीं दिखी। डॉऊ जोन्स और एसएंडपी 500 में गिरावट रही, जबकि नैस्डैक में हल्की बढ़त दर्ज की गई। फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और महंगाई को लेकर चिंता ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा है।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भी बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
एक्सपर्ट्स की नजर में बाजार का रुख
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा स्थिति में सेंसेक्स और निफ्टी महत्वपूर्ण स्तरों के आसपास बने हुए हैं। अगर ये स्तर टूटते हैं, तो गिरावट और बढ़ सकती है। वहीं, ऊपरी स्तरों पर भी मजबूत प्रतिरोध बना हुआ है, जिससे तेजी की राह फिलहाल कठिन नजर आ रही है।