BollywoodLegacy – दोस्ती की मिसाल बनी नीरज वोरा की आखिरी संघर्षभरी कहानी
BollywoodLegacy – हिंदी सिनेमा के चर्चित लेखक, अभिनेता और निर्देशक नीरज वोरा ने अपने काम से दर्शकों को वर्षों तक हंसाया और मनोरंजन किया। ‘फिर हेरा फेरी’ जैसी लोकप्रिय कॉमेडी फिल्मों से पहचान बनाने वाले नीरज वोरा का जीवन जितना सफल रहा, उनके अंतिम दिन उतने ही कठिन साबित हुए। इस मुश्किल दौर में उनके करीबी मित्र और फिल्म निर्माता फिरोज नाडियाडवाला ने जिस तरह उनका साथ निभाया, वह आज भी फिल्म इंडस्ट्री में दोस्ती की एक अनोखी मिसाल मानी जाती है।

कठिन दौर में दोस्त ने निभाया हर जिम्मा
साल 2016 में नीरज वोरा को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें ब्रेन स्ट्रोक भी आया। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी और वे कोमा में चले गए। हालात गंभीर होने पर फिरोज नाडियाडवाला ने उन्हें अपने घर में रखने का फैसला किया। उन्होंने अपने आवास पर एक कमरे को विशेष चिकित्सा सुविधाओं से लैस कर आईसीयू जैसी व्यवस्था तैयार करवाई ताकि नीरज का इलाज और देखभाल लगातार हो सके।
करीब 13 महीने तक नीरज वोरा की चिकित्सा और निगरानी जारी रही। इस दौरान फिरोज नाडियाडवाला ने उनकी देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी। तमाम प्रयासों के बावजूद दिसंबर 2017 में नीरज वोरा का निधन हो गया। उनके जीवन के अंतिम समय में मित्र द्वारा दिया गया यह साथ आज भी लोगों को भावुक कर देता है।
‘हेरा फेरी 3’ से जुड़ी लंबी कहानी
नीरज वोरा का नाम ‘हेरा फेरी’ फ्रेंचाइजी से गहराई से जुड़ा रहा है। उन्हें ‘हेरा फेरी 3’ के निर्देशन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। हालांकि समय के साथ प्रोजेक्ट में कई बदलाव हुए और निर्देशन की कमान दूसरे फिल्मकारों को दी गई। बाद में नीरज को एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की भूमिका में शामिल किया गया।
उनके निधन के बाद भी फिल्म को लेकर कई तरह की चर्चाएं चलती रहीं। अलग-अलग निर्देशकों के नाम सामने आए, लेकिन अंततः श्रृंखला के मूल निर्देशक प्रियदर्शन ने इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म को अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल की लोकप्रिय तिकड़ी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि फिल्म का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है।
लेखन से अभिनय और निर्देशन तक का सफर
नीरज वोरा ने मनोरंजन जगत में अपने करियर की शुरुआत लेखक के रूप में की थी। उन्होंने शाहरुख खान के चर्चित टेलीविजन शो ‘सर्कस’ के लिए लेखन कार्य किया था। उनकी लेखन शैली और हास्यबोध ने उन्हें जल्द ही पहचान दिलाई।
अभिनय के क्षेत्र में उन्होंने 1984 में केतन मेहता की फिल्म ‘होली’ से कदम रखा। इस फिल्म में आमिर खान भी नजर आए थे। इसके बाद नीरज ने कई फिल्मों में अभिनय कर अपनी अलग छाप छोड़ी। लेखक और अभिनेता के रूप में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया और ‘फिर हेरा फेरी’ जैसी यादगार फिल्म दर्शकों को दी।
आज भी जीवित है उनकी रचनात्मक विरासत
नीरज वोरा का योगदान केवल उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। हाल ही में अभिनेता अक्षय कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि उनकी आगामी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ की कहानी भी नीरज वोरा ने ही लिखी थी। यह जानकारी उनके रचनात्मक प्रभाव और लंबे समय तक बने रहने वाली विरासत को दर्शाती है।
निजी जीवन में झेली कई व्यक्तिगत चुनौतियां
नीरज वोरा के अंतिम वर्षों में उनका निजी पारिवारिक दायरा काफी सीमित रह गया था। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उनकी पत्नी का भी वर्ष 2004 में असमय देहांत हो गया था। उनकी कोई संतान नहीं थी।
परिवार में उनके भाई उत्तम वोरा हैं, जो संगीत और निर्देशन के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। दोनों ने अपने करियर के शुरुआती दौर में साथ काम भी किया था। उनकी भाभी छाया वोरा भी थिएटर, टेलीविजन और फिल्मों की जानी-मानी कलाकार रही हैं। तमाम व्यक्तिगत चुनौतियों के बावजूद नीरज वोरा ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार रचनाएं दीं, जिन्हें दर्शक आज भी पसंद करते हैं।