Music – जब एक ही गीत में गूंजी थीं रफी, किशोर और मुकेश की आवाजें…
Music- हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में कई ऐसे गीत बने, जो समय के साथ अमर हो गए। उस दौर में मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और मुकेश जैसे महान गायकों की आवाजें अलग-अलग सितारों की पहचान बन चुकी थीं। लेकिन बहुत कम लोगों को यह जानकारी है कि एक फिल्मी गीत ऐसा भी है, जिसमें इन तीनों दिग्गज गायकों ने पहली और आखिरी बार एक साथ अपनी आवाज दी थी। यही वजह है कि यह गीत आज भी भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में विशेष स्थान रखता है।

‘अमर अकबर एंथनी’ ने रचा था अनोखा इतिहास
साल 1977 में निर्देशक मनमोहन देसाई की फिल्म ‘अमर अकबर एंथनी’ रिलीज हुई थी। अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर अभिनीत यह फिल्म कहानी, अभिनय और संगीत—तीनों मोर्चों पर बड़ी सफलता साबित हुई। फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था, जबकि इसके अधिकांश गीत दर्शकों की जुबान पर लंबे समय तक छाए रहे।
फिल्म में तीनों मुख्य कलाकारों के लिए उस समय के लोकप्रिय पार्श्व गायकों की आवाज का चयन किया गया था। अमिताभ बच्चन के लिए किशोर कुमार, ऋषि कपूर के लिए मोहम्मद रफी और विनोद खन्ना के हिस्से के गीतों में मुकेश समेत अन्य गायकों ने अपनी आवाज दी थी।
एक गीत, तीन महान गायक
फिल्म का मशहूर गीत ‘हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें’ भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में इसलिए खास माना जाता है क्योंकि इसमें किशोर कुमार, मोहम्मद रफी और मुकेश तीनों ने एक साथ गायन किया था। यह पहला और अंतिम अवसर रहा, जब हिंदी फिल्म के एक ही गीत में इन तीनों दिग्गजों की आवाज सुनाई दी।
इस गीत को फिल्म में तीनों प्रमुख कलाकारों और उनकी नायिकाओं पर फिल्माया गया था। गीत के महिला हिस्से को लता मंगेशकर ने अकेले गाया, जिससे यह रचना और भी यादगार बन गई। संगीत प्रेमियों के बीच यह गीत आज भी क्लासिक फिल्मों की सूची में प्रमुख स्थान रखता है।
फिल्म के अन्य गीत भी रहे सुपरहिट
‘अमर अकबर एंथनी’ केवल इस एक गीत की वजह से ही नहीं, बल्कि अपने पूरे संगीत एल्बम के कारण भी बेहद लोकप्रिय हुई। ‘पर्दा है पर्दा’, फिल्म का शीर्षक गीत और ‘शिरडी वाले साईं बाबा’ जैसे गीत भी उस दौर के सबसे चर्चित गीतों में शामिल रहे। इन गानों ने फिल्म की लोकप्रियता को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बॉक्स ऑफिस पर भी रही बड़ी सफलता
रिपोर्टों के अनुसार ‘अमर अकबर एंथनी’ वर्ष 1977 की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही। उसी वर्ष निर्देशक मनमोहन देसाई की ‘परवरिश’, ‘चाचा भतीजा’ और ‘धर्म वीर’ भी रिलीज हुई थीं। आपातकाल के बाद अपेक्षाकृत कम अंतराल में आई इन चारों फिल्मों को दर्शकों का शानदार समर्थन मिला। अलग-अलग विषयों पर आधारित इन फिल्मों ने मनोरंजन के साथ व्यावसायिक सफलता भी हासिल की और मनमोहन देसाई को उस दौर के सबसे सफल निर्देशकों में स्थापित किया।