स्वास्थ्य

Milk Safety – मानसून में दूध पीने से पहले बरतें ये जरूरी सावधानियां

Milk Safety– बारिश का मौसम शुरू होते ही खानपान से जुड़ी छोटी-छोटी लापरवाहियां भी स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। ऐसे समय में दूध जैसी रोजमर्रा की चीज को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक नमी और तापमान में बदलाव के कारण दूध जल्दी खराब हो सकता है। खासकर छोटे बच्चों का पाचन तंत्र संवेदनशील होने से उन्हें हमेशा ताजा, अच्छी तरह उबला और सही तापमान पर रखा गया दूध ही देना चाहिए।

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मानसून में दूध जल्दी खराब क्यों हो सकता है?

बरसात के दौरान वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। ऐसे माहौल में दूध को लंबे समय तक सामान्य तापमान पर रखने से उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं। यदि खराब या दूषित दूध का सेवन किया जाए तो पेट दर्द, दस्त, उल्टी और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए दूध को उबालने के बाद समय पर ठंडा करके फ्रिज में रखना और जरूरत के अनुसार ही बाहर निकालना बेहतर माना जाता है।

फ्रिज से निकालते ही ठंडा दूध देने से बचें

यदि दूध रेफ्रिजरेटर में रखा गया है, तो उसे सीधे पीने के बजाय पहले सामान्य तापमान पर आने दें या हल्का गुनगुना कर लें। विशेष रूप से बच्चों को अत्यधिक ठंडा दूध देने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे कुछ मामलों में पाचन संबंधी असहजता हो सकती है। गुनगुना दूध पीना अधिक आरामदायक माना जाता है।

दूध को लंबे समय तक बाहर न रखें

बरसात के मौसम में दूध सामान्य दिनों की तुलना में जल्दी खराब हो सकता है। यदि दूध का तुरंत उपयोग नहीं करना है, तो उसे बिना देर किए फ्रिज में रख देना चाहिए। लंबे समय तक बाहर रखा दूध देखने में सामान्य लगे, फिर भी उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीव विकसित हो सकते हैं। इसलिए ताजा और सुरक्षित दूध का ही सेवन करना उचित है।

उबालकर ही करें दूध का सेवन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ दूध को अच्छी तरह उबालकर पीने की सलाह देते हैं। उबालने की प्रक्रिया कई प्रकार के हानिकारक जीवाणुओं के जोखिम को कम करने में मदद करती है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए यह सावधानी विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

खराब दूध की पहचान करें

यदि दूध से खट्टी या असामान्य गंध आने लगे, उसका स्वाद बदल जाए या वह फट गया हो, तो उसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। ऐसे दूध का उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। संदेह होने पर दूध को फेंक देना ही सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

दूध के साथ खट्टी चीजों का रखें ध्यान

कुछ लोगों को दूध पीने के तुरंत पहले या बाद में अधिक खट्टी चीजें खाने से पाचन संबंधी परेशानी महसूस हो सकती है। ऐसे में दोनों के बीच थोड़ा समय का अंतर रखना बेहतर माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति को पहले से पाचन संबंधी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेना भी उपयोगी हो सकता है।

बच्चों की बोतल की सफाई है बेहद जरूरी

जो बच्चे फीडिंग बोतल से दूध पीते हैं, उनके लिए बोतल और निप्पल की नियमित सफाई बेहद जरूरी है। हर बार इस्तेमाल से पहले इन्हें अच्छी तरह धोना या स्टेरिलाइज करना संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करता है। साफ बर्तनों में दिया गया दूध बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

जरूरत के अनुसार ही दें दूध

बच्चों को उनकी उम्र, पोषण संबंधी जरूरत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दूध देना चाहिए। केवल अधिक मात्रा में दूध पिलाने से अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता। संतुलित आहार के साथ उचित मात्रा में दूध देना ही बेहतर विकल्प माना जाता है।

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