Defense – फ्रांस से राफेल और एयर डिफेंस सिस्टम खरीदेगा यूक्रेन
Defense – यूक्रेन ने अपनी वायु सुरक्षा क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते की घोषणा की है। संयुक्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फ्रांस के साथ हुए इस समझौते के तहत शुरुआती चरण में 16 राफेल मल्टीरोल लड़ाकू विमान हासिल किए जाएंगे। दोनों देशों के राष्ट्रपति कार्यालयों की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस परियोजना के लिए यूरोपीय संघ की ऋण सुविधा का उपयोग किया जाएगा। समझौते में उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और रक्षा उत्पादन सहयोग भी शामिल है।

चरणबद्ध तरीके से होगी राफेल की आपूर्ति
योजना के अनुसार, 16 राफेल विमान प्रस्तावित 100 विमानों के व्यापक कार्यक्रम का पहला चरण होंगे, जिसकी घोषणा पहले की जा चुकी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रारंभिक परीक्षण उड़ानों की तैयारी 2028-29 के आसपास शुरू होने की संभावना जताई गई है। वित्तीय व्यवस्था यूरोपीय संघ के यूक्रेन सहायता कार्यक्रम के तहत की जाएगी। साथ ही फ्रांस में यूक्रेनी पायलटों और तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पहले बैच के विमानों की डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद है।
एयर डिफेंस नेटवर्क को मिलेगी नई मजबूती
राफेल विमानों के अलावा यूक्रेन ने चार अत्याधुनिक SAMP/T-NG एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने की भी योजना बनाई है। जब तक नई प्रणाली पूरी तरह उपलब्ध नहीं होती, तब तक मौजूदा SAMP/T सिस्टम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस पहल का उद्देश्य लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन हमलों से सुरक्षा क्षमता को मजबूत करना बताया गया है। यूरोपीय देशों के सहयोग से चल रही इस रक्षा पहल को यूक्रेन की वायु सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
रक्षा उत्पादन में तकनीकी सहयोग
समझौते में रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को भी शामिल किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, फ्रांस और इटली ने यूक्रेन में Aster 30 इंटरसेप्टर मिसाइलों के लाइसेंस प्राप्त उत्पादन की अनुमति देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा AASM गाइडेड बम और SCALP क्रूज मिसाइलों से जुड़ी तकनीक के स्थानीय उत्पादन का भी प्रावधान रखा गया है। माना जा रहा है कि इससे यूक्रेन की घरेलू रक्षा निर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में आयात पर निर्भरता कम हो सकती है।
बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के बीच अहम कदम
हाल के समय में यूक्रेन के विभिन्न इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाओं के बीच वायु सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी। इसी पृष्ठभूमि में यह रक्षा समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि आधुनिक लड़ाकू विमान, उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और स्थानीय रक्षा उत्पादन की सुविधा मिलकर यूक्रेन की सैन्य तैयारियों को नई मजबूती दे सकती है। हालांकि, इन परियोजनाओं का प्रभाव उनकी चरणबद्ध डिलीवरी और परिचालन क्षमता विकसित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।