BurntGhee – यहाँ पढ़ें जले हुए घी की बदबू दूर करने का आसान घरेलू तरीका
BurntGhee – घर में मलाई से घी बनाना आज भी कई परिवारों की रोजमर्रा की रसोई का हिस्सा है। हालांकि कई बार घी बनाते समय थोड़ी सी लापरवाही इसकी खुशबू और स्वाद दोनों खराब कर देती है। ज्यादा देर तक तेज आंच पर पकने से घी जल जाता है, उसका रंग गहरा हो जाता है और उसमें जली हुई गंध आने लगती है। ऐसी स्थिति में लोग अक्सर पूरा घी फेंक देते हैं, जबकि कुछ घरेलू उपायों की मदद से इसे काफी हद तक दोबारा इस्तेमाल लायक बनाया जा सकता है।

धीमी आंच पर दोबारा करें गर्म
रसोई विशेषज्ञों के अनुसार, अगर घी हल्का जल गया हो तो सबसे पहले उसे छान लेना चाहिए ताकि जले हुए कण अलग हो जाएं। इसके बाद किसी साफ स्टील या एल्युमिनियम के बर्तन में इस घी को डालकर धीमी आंच पर हल्का गर्म किया जाता है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि आंच तेज न हो, क्योंकि इससे घी की स्थिति और खराब हो सकती है। हल्का गर्म करने से उसमें मौजूद गंध को कम करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
दही का इस्तेमाल बदल सकता है स्वाद
घरेलू नुस्खों में दही को जले हुए घी की गंध कम करने के लिए असरदार माना जाता है। हल्का गर्म किए गए घी में करीब तीन चम्मच दही मिलाकर लगातार चलाया जाता है। इससे घी और दही अच्छी तरह मिश्रित हो जाते हैं। माना जाता है कि दही घी में मौजूद जलेपन की तीखी गंध को कम करने में मदद करता है। कुछ मिनट तक धीमी आंच पर पकाने से इसका असर बेहतर दिखाई देता है।
इलायची से आती है ताजगी भरी खुशबू
दही मिलाने के बाद इसमें 2 से 3 साबुत इलायची डालने की सलाह दी जाती है। इलायची की प्राकृतिक खुशबू घी में मौजूद जलेपन की महक को काफी हद तक दबा देती है। रसोई से जुड़े लोग बताते हैं कि यह तरीका पुराने समय से घरों में अपनाया जाता रहा है। इलायची डालने के बाद घी को कुछ मिनट और पकाया जाता है और फिर गैस बंद कर दी जाती है।
ठंडा होने पर अलग दिखता है असर
जब यह मिश्रण थोड़ा ठंडा होने लगता है, तब घी और दही अलग-अलग नजर आने लगते हैं। ऊपर तैर रहे हिस्से को हटाकर घी को साफ सूती कपड़े से छान लिया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद घी का रंग पहले की तुलना में साफ दिखाई देता है और जली हुई गंध भी काफी कम हो जाती है। इसके बाद इसे किसी साफ बर्तन में भरकर फ्रिज में रखा जा सकता है।
जमने के बाद बेहतर हो जाता है घी
कुछ समय फ्रिज में रखने के बाद घी दोबारा दानेदार बनावट लेने लगता है। कई लोगों का मानना है कि इस प्रक्रिया से घी का स्वाद और खुशबू पहले से बेहतर महसूस होती है। अगर पहली बार में मनचाहा परिणाम न मिले तो इसी प्रक्रिया को दोबारा अपनाया जा सकता है। इससे घी का रंग और बनावट दोनों में सुधार दिखाई दे सकता है।
रसोई में सावधानी भी है जरूरी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घी बनाते समय लगातार निगरानी रखना जरूरी है। तेज आंच पर लंबे समय तक पकाने से घी जल्दी जल सकता है। बेहतर परिणाम के लिए मध्यम या धीमी आंच का उपयोग करना चाहिए। साथ ही घी को समय-समय पर चलाते रहना भी जरूरी माना जाता है ताकि उसका स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे।