SummerCare – यहां पढ़ें भीषण गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के आसान देसी उपाय
SummerCare – नौतपा और तेज धूप के दौर में शरीर को अंदर से ठंडा रखना बेहद जरूरी हो जाता है। बढ़ते तापमान का असर केवल बाहर ही नहीं, बल्कि शरीर की ऊर्जा, पाचन और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। कई लोग दिनभर एसी या कूलर में रहने के बावजूद थकान, सिरदर्द, पेट में जलन और बेचैनी महसूस करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी से राहत पाने के लिए सिर्फ बाहरी ठंडक काफी नहीं होती, बल्कि शरीर को भीतर से संतुलित रखना भी उतना ही जरूरी है।

पोषण विशेषज्ञ रुजुता दिवेकर ने गर्मियों में शरीर को प्राकृतिक तरीके से ठंडा रखने के कुछ पारंपरिक उपाय साझा किए हैं। ये उपाय पुराने घरेलू तरीकों पर आधारित हैं और आज भी काफी असरदार माने जाते हैं।
खस की जड़ वाला पानी देता है ठंडक
गर्मी के मौसम में खस की जड़ यानी वेटिवर रूट का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। इसे प्राकृतिक कूलिंग एजेंट माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी के घड़े या सामान्य पानी में दो से तीन खस की जड़ डालकर रखने से पानी में हल्की प्राकृतिक मिठास आ जाती है और उसका स्वाद भी बेहतर हो जाता है।
ऐसा पानी शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है। गर्मियों में कई लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने का मन नहीं करता, लेकिन खस की खुशबू और स्वाद पानी पीने की इच्छा बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, माना जाता है कि यह त्वचा पर गर्मी की वजह से होने वाले रैशेज और दानों को कम करने में भी सहायक हो सकता है।
मेहंदी से मिल सकती है राहत
गर्मियों में हथेलियों पर मेहंदी लगाने की परंपरा भी काफी पुरानी है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मेहंदी की पत्तियों को पीसकर हाथों पर लगाने से शरीर को ठंडक महसूस होती है। हथेलियों के जरिए शरीर का तापमान नियंत्रित करने में यह मददगार मानी जाती है।
इसके साथ ही मेहंदी की प्राकृतिक खुशबू मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक हो सकती है। भागदौड़ और गर्मी से भरे दिन में कुछ समय आराम के साथ मेहंदी लगाना शरीर और मन दोनों को राहत दे सकता है। हालांकि, इसके लिए रासायनिक रंगों वाली मेहंदी के बजाय प्राकृतिक मेहंदी का उपयोग बेहतर माना जाता है।
छाछ को डाइट में शामिल करने की सलाह
गर्मी के मौसम में छाछ को सबसे असरदार घरेलू पेय में गिना जाता है। डॉक्टर और न्यूट्रिशन विशेषज्ञ अक्सर इसे रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। तेज गर्मी के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ने लगता है, जिससे कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।
छाछ शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पाचन को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती है। इसमें मौजूद विटामिन बी12, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने में सहायक होते हैं। पेट में जलन, भारीपन और अपच जैसी समस्याओं में भी छाछ फायदेमंद मानी जाती है।
गर्मी में खानपान और पानी पर ध्यान जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान के बीच केवल ठंडे पेय या एसी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी, हल्का भोजन और प्राकृतिक पेय का सेवन जरूरी है। गर्मी के मौसम में तले-भुने और अत्यधिक मसालेदार भोजन से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि पारंपरिक घरेलू उपाय आज भी शरीर को मौसम के अनुसार संतुलित रखने में कारगर साबित हो सकते हैं, बशर्ते उन्हें सही तरीके से अपनाया जाए।