CJPMovement – नए छात्र आंदोलन पर कांग्रेस की तीखी नजर, तेज हुई तैयारी
CJPMovement – परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित आंदोलन ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पार्टी द्वारा दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी के बीच कांग्रेस ने भी अपने संगठनात्मक ढांचे को सतर्क रहने के संकेत दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं और संबद्ध संगठनों को शिक्षा संबंधी मुद्दों पर चल रहे अभियानों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

हालांकि कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन संगठन के भीतर इस नए राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
शिक्षा मुद्दों पर केंद्रित है कांग्रेस का अभियान
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व को आशंका है कि परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर उभर रहा कोई भी बड़ा जन आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति में प्रभाव डाल सकता है। इसी वजह से पार्टी अपने युवा संगठनों और छात्र इकाइयों को सक्रिय बनाए हुए है।
युवा कांग्रेस पहले ही विभिन्न राज्यों में कार्यक्रमों और प्रदर्शनों की श्रृंखला शुरू कर चुकी है। यह अभियान कई राज्यों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। वहीं, छात्र संगठन एनएसयूआई भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अलग-अलग स्थानों पर विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
छह जून के प्रदर्शन पर टिकी नजर
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वह 6 जून को भारत लौटेंगे और शिक्षा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन की शुरुआत करेंगे। उन्होंने छात्रों और समर्थकों से दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और संबंधित मामलों पर कार्रवाई जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने की बात भी कही गई है।
पार्टी ने घोषित किए नए प्रवक्ता
आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए सीजेपी ने अपने प्रवक्ता दल का विस्तार किया है। पार्टी ने तीन प्रमुख चेहरों को आधिकारिक तौर पर प्रवक्ता नियुक्त किया है। इनमें खोजी पत्रकार सौरव दास को मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा फिल्म निर्माता विजेता दहिया और पूर्व प्रबंधन सलाहकार आशुतोष रांका भी पार्टी का पक्ष सार्वजनिक मंचों और मीडिया के सामने रखेंगे। पार्टी का कहना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य संगठन की बात को व्यवस्थित तरीके से जनता तक पहुंचाना है।
सरकार और विपक्ष दोनों से संवाद की इच्छा
दिल्ली में आयोजित अपने पहले प्रेस संवाद के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों से बातचीत के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान राजनीतिक टकराव के बजाय सार्थक संवाद के जरिए निकाला जाना चाहिए।
प्रेस वार्ता में पार्टी प्रतिनिधियों ने हाल में शिक्षा प्रशासन से जुड़े कुछ बदलावों पर भी टिप्पणी की और उन्हें पर्याप्त कदम मानने से इनकार किया। उनका कहना था कि केवल प्रशासनिक फेरबदल से मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
सीजेपी के अनुसार, अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुंचने के बाद प्रदर्शन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पार्टी ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस बीच, आंदोलन में सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कुछ अन्य लोगों के शामिल होने की भी चर्चा है। पार्टी का उद्देश्य शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनसमर्थन जुटाना बताया जा रहा है। राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की नजर अब 6 जून के प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हुई है, जिससे आगे की रणनीति और जन प्रतिक्रिया का आकलन किया जा सकेगा।